उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2026: गोपेश्वर में 356 केंद्र व्यवस्थापकों का प्रशिक्षण संपन्न, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
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उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2026: गोपेश्वर में 356 केंद्र व्यवस्थापकों का प्रशिक्षण संपन्न, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर द्वारा आयोजित होने वाली हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को शुचितापूर्ण और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। बुधवार को पीएम श्री अटल उत्कृष्ट श्री गीता स्वामी जीआईसी गोपेश्वर के सभागार में जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देशों पर जनपद के 356 केंद्र व्यवस्थापकों का एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जिलाधिकारी के कड़े निर्देश: सतर्कता और समन्वय पर जोर

प्रशिक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केंद्र व्यवस्थापकों को पूरी परीक्षा अवधि (21 फरवरी से 20 मार्च 2026) के दौरान अत्यंत सावधानी बरतने के निर्देश दिए। उनकी मुख्य हिदायतें निम्न रहीं:
- विवेकपूर्ण संचालन: परीक्षाओं को मनोयोग, विवेकपूर्ण और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराएं।
- पेपर बंडल की सुरक्षा: प्रश्नपत्रों के बंडल खोलते समय विशेष सावधानी बरतने की बात कही गई ताकि किसी भी प्रकार की गोपनीयता भंग न हो।
- तत्काल सूचना: किसी भी प्रकार की समस्या या अप्रिय स्थिति होने पर तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचित करें ताकि समय रहते समाधान किया जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था: 100 गज के दायरे में धारा-163 लागू
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने परीक्षा केंद्रों की सीमाओं के भीतर कानून व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
- परीक्षा केंद्रों के 100 गज की परिधि में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
- अनुचित गतिविधियों पर नियंत्रण और निर्विघ्न परीक्षा संचालन हेतु पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा।
परीक्षा के आंकड़े: एक नज़र में
इस वर्ष जनपद में कुल 9224 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे, जिसमें बालकों और बालिकाओं की संख्या लगभग बराबर है।
प्रशिक्षण में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) श्रीकांत पुरोहित, और पीएम श्री अटल उत्कृष्ट श्री गीता स्वामी जीआईसी के प्रधानाचार्य कर्मवीर सिंह उपस्थित रहे। इसके अलावा विभिन्न खंड शिक्षा अधिकारी और सभी केंद्रों के व्यवस्थापकों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
प्रशासन की इस सक्रियता से स्पष्ट है कि उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं को नकल विहीन और पारदर्शी बनाने के लिए चमोली जनपद पूरी तरह तैयार है।
