गोपेश्वर: हिमालय की गोद में ‘साहस’ का पाठ पढ़ेंगे रडुवा चांदनीखाल के छात्र, नीती-माणा घाटी के लिए दल रवाना
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गोपेश्वर: हिमालय की गोद में ‘साहस’ का पाठ पढ़ेंगे रडुवा चांदनीखाल के छात्र, नीती-माणा घाटी के लिए दल रवाना
गोपेश्वर (चमोली): शिक्षा केवल चारदीवारी के भीतर ही नहीं, बल्कि प्रकृति के सानिध्य में भी प्राप्त की जाती है। इसी उद्देश्य के साथ पीएम श्री अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज, रडुवा चांदनीखाल के छात्रों का एक दल पाँच दिवसीय ‘एडवेंचर एंड नेचर स्टडी कैंप’ (Adventure and Nature Study Camp) के लिए सीमांत नीती-माणा घाटी के लिए रवाना हो गया है।
हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना
कॉलेज के प्रधानाचार्य संजय कुमार और पीटीए अध्यक्ष मानमेंद्र बत्र्वाल ने संयुक्त रूप से छात्रों के इस उत्साही दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह दल कॉलेज प्रभारी डीपी कुमेडी के कुशल नेतृत्व में कक्षा 11 के दस छात्रों के साथ हिमालयी क्षेत्र की भौगोलिक और साहसिक परिस्थितियों का अनुभव करने निकला है।
सर्वांगीण विकास के लिए पीएम श्री योजना की पहल
प्रधानाचार्य संजय कुमार ने इस अवसर पर बताया कि पीएम श्री योजना का मुख्य लक्ष्य छात्रों का सर्वांगीण विकास (Holistic Development) करना है। उन्होंने कहा, “कक्षा शिक्षण के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान आज की सबसे बड़ी जरूरत है। इस कैंप के माध्यम से छात्र किताबी ज्ञान को धरातल पर देख और समझ सकेंगे, जिससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।”
कैंपिंग, ट्रैकिंग और स्कीइंग का होगा रोमांच
टीम प्रभारी डीपी कुमेड़ी ने कैंप की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि पाँच दिनों के इस प्रवास के दौरान छात्र कई महत्वपूर्ण गतिविधियां करेंगे:
- पारिस्थितिकी तंत्र का अध्ययन: छात्र हिमालयी क्षेत्र की नाजुक भौगोलिक परिस्थितियों और वहां की समृद्ध जैव विविधता (Biodiversity) को करीब से समझेंगे।
- साहसिक प्रशिक्षण: कैंप के दौरान छात्रों को ट्रैकिंग, रॉक क्लाइंबिंग और कैंपिंग जैसे साहसिक कौशलों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- औली में स्कीइंग: इस यात्रा के अंतिम चरण में छात्र विश्व प्रसिद्ध हिमक्रीड़ा केंद्र औली पहुंचेंगे, जहाँ वे बर्फ पर स्कीइंग (Skiing) के बुनियादी गुर सीखेंगे।
प्रकृति संरक्षण और 21वीं सदी के कौशल
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के कैंप छात्रों में प्रकृति के प्रति जिज्ञासा पैदा करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की भावना भी विकसित करते हैं। सामूहिक गतिविधियों से छात्रों में नेतृत्व क्षमता और टीम वर्क जैसे ’21वीं सदी के कौशलों’ (21st Century Skills) का विकास होता है।
यह अभियान न केवल छात्रों के लिए रोमांचक होगा, बल्कि सीमांत क्षेत्रों के प्रति उनकी समझ को भी गहरा करेगा। इस रवानगी के मौके पर विद्यालय के शिक्षक और अभिभावक भी उपस्थित रहे और बच्चों के मंगलमय और ज्ञानवर्धक यात्रा की कामना की।
