चमोली की ‘फ्लाइंग गर्ल’ का दिल्ली में धमाका: भागीरथी बिष्ट ने मैराथन में जीता रजत पदक, ओलंपिक पर टिकी निगाहें
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चमोली की ‘फ्लाइंग गर्ल’ का दिल्ली में धमाका: भागीरथी बिष्ट ने मैराथन में जीता रजत पदक, ओलंपिक पर टिकी निगाहें
गोपेश्वर/देहरादून: उत्तराखंड के पहाड़ों की बेटियों का दमखम एक बार फिर देश की राजधानी में देखने को मिला है। चमोली जिले के देवाल ब्लॉक के सुदूरवर्ती वाण गांव की रहने वाली प्रतिभाशाली धाविका भागीरथी बिष्ट ने दिल्ली मैराथन में रजत पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। अपनी इस उपलब्धि से उन्होंने साबित कर दिया है कि यदि हौसले बुलंद हों, तो पहाड़ों की चढ़ाई हो या मैराथन की डगर, कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं है।
42 किलोमीटर की दौड़ और 2 घंटे 43 मिनट का संघर्ष
दिल्ली मैराथन के 11वें संस्करण का आयोजन रविवार को किया गया, जिसमें देश-दुनिया के दिग्गज धावकों ने शिरकत की। 24 वर्षीय भागीरथी बिष्ट ने 42 किलोमीटर की इस मुख्य मैराथन दौड़ में हिस्सा लिया। कड़े मुकाबले के बीच उन्होंने दो घंटे 43 मिनट का शानदार समय निकालते हुए द्वितीय स्थान हासिल किया और रजत पदक पर कब्जा जमाया। पूरी रेस के दौरान भागीरथी की गति, संतुलन और गजब की सहनशक्ति देख दर्शकों ने खूब हौसला बढ़ाया।
‘फ्लाइंग गर्ल’ का अंतरराष्ट्रीय सफर
भागीरथी को खेल जगत में ‘फ्लाइंग गर्ल’ के नाम से पहचान मिल चुकी है। उनके कोच एवं अंतरराष्ट्रीय मैराथन धावक सुनील शर्मा ने उनकी सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि भागीरथी एक बेहद अनुशासित खिलाड़ी हैं। कोच के अनुसार, भागीरथी इससे पहले ईरान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हाफ मैराथन में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। इसके अलावा देश के विभिन्न राज्यों में आयोजित मैराथन प्रतियोगिताओं में वे कई बार प्रथम स्थान प्राप्त कर चुकी हैं।
पौड़ी के रांसी स्टेडियम में पसीना बहा रही हैं भागीरथी
अपनी जड़ों से जुड़ी भागीरथी बिष्ट वर्तमान में पौड़ी जिले के प्रसिद्ध रांसी स्टेडियम में नियमित अभ्यास कर रही हैं। समुद्र तल से ऊंचाई पर स्थित इस स्टेडियम की कठिन परिस्थितियों में अभ्यास करने का लाभ उन्हें मैदानी क्षेत्रों की दौड़ में मिलता है। भागीरथी का अगला बड़ा लक्ष्य ओलंपिक खेलों में तिरंगा लहराना है। वे भविष्य में ओलंपिक मैराथन स्पर्धा में भारत के लिए पदक जीतकर देश का नाम विश्व पटल पर रोशन करना चाहती हैं।
सीमांत गांव में खुशी की लहर
देवाल ब्लॉक के अंतिम गांव वाण से निकलकर दिल्ली के मंच पर चमकने वाली भागीरथी की इस जीत से पूरे चमोली जनपद में खुशी का माहौल है। खेल प्रेमियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इसे उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बताया है। सोशल मीडिया पर भी ‘फ्लाइंग गर्ल’ को बधाइयां देने वालों का तांता लगा हुआ है।
