स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय में बिखरे होली के रंग: पारंपरिक ‘बैठकी होली’ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सराबोर हुआ परिसर
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स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय में बिखरे होली के रंग: पारंपरिक ‘बैठकी होली’ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सराबोर हुआ परिसर
देहरादून। स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय और हिमालयीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘होली मिलन समारोह’ में परंपरा, संस्कृति और आधुनिक उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। परिसर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षकों ने भी जमकर होली का आनंद लिया।

मुख्य अतिथि ने किया शुभारंभ
समारोह का औपचारिक आगाज़ मुख्य अतिथि एवं आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नीरज श्रीवास्तव द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। उन्होंने इस अवसर पर प्रेम और सद्भाव के साथ त्योहार मनाने का संदेश दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम
कार्यक्रम में B.A.M.S., B.N.Y.S. और B.Sc. नर्सिंग के छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। संगीत की धुनों पर थिरकते विद्यार्थियों ने पूरे वातावरण को ऊर्जा से भर दिया। समारोह के मुख्य आकर्षण निम्नलिखित रहे:
- बैठकी होली: राहुल रावत द्वारा प्रस्तुत बैठकी होली के पारंपरिक गीतों ने कुमाऊँ और गढ़वाल की समृद्ध लोक संस्कृति को जीवंत कर दिया।
- लोक नृत्य: छात्र-छात्राओं ने क्षेत्रीय लोकगीतों पर नृत्य कर उत्तराखंड की विरासत की झलक पेश की।
- रंग-गुलाल का संगम: कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर भाईचारे का संदेश दिया।
सामाजिक एकता का संदेश
इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रशासन और उपस्थित शिक्षाविदों के साथ स्थानीय ग्राम प्रधानों ने भी शिरकत की। वक्ताओं ने होली को केवल रंगों का त्योहार न मानकर सामाजिक एकता और आपसी प्रेम को मजबूत करने का माध्यम बताया।

गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
समारोह का सफल संचालन अर्पण द्वारा किया गया। इस गौरवमयी अवसर पर संस्था के सचिव बालकृष्ण चमोली, संयुक्त निदेशक डॉ. प्रदीप कोठियाल सहित विभिन्न विभागों के संकाय सदस्य, विद्यार्थी और कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
