Dehradun: श्री झण्डा जी मेले का भव्य आगाज, श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने संगतों को दिया गुरु मंत्र; आज होगा झण्डा साहिब का आरोहण
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Dehradun: श्री झण्डा जी मेले का भव्य आगाज, श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने संगतों को दिया गुरु मंत्र; आज होगा झण्डा साहिब का आरोहण
देहरादून | 08 मार्च, 2026
गुरु की नगरी देहरादून इन दिनों श्रद्धा, आस्था और भक्ति के रंगों में सराबोर है। प्रेम और सद्भावना का प्रतीक ऐतिहासिक श्री झण्डा जी मेला इस वर्ष भी अपने दिव्य स्वरूप में आयोजित हो रहा है। दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज परिसर में देश-विदेश से लाखों की संख्या में संगतें पहुँच चुकी हैं।
गुरु मंत्र पाकर भावविभोर हुईं संगतें
मेले की पूर्व संध्या पर शनिवार को सज्जादे गद्दीनशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने भारी संख्या में उमड़ी संगतों को गुरु मंत्र प्रदान किया। गुरु मंत्र पाकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। महाराज जी ने गुरु महिमा का महत्व बताते हुए कहा कि जिस प्रकार सूर्य की किरणें सबको समान प्रकाश देती हैं, वैसे ही आध्यात्मिक गुरु अज्ञान का अंधकार दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं।
आज (रविवार) होगा पवित्र श्री झण्डे जी का आरोहण
रविवार, 08 मार्च को मेले का मुख्य आकर्षण श्री झण्डे जी का आरोहण होगा। कार्यक्रम की रूपरेखा इस प्रकार है:
- सुबह 07:00 बजे: श्री झण्डे जी को उतारने की प्रक्रिया और विशेष पूजा-अर्चना शुरू होगी।
- सुबह 10:00 बजे: पवित्र ध्वजदण्ड को पंचगव्य (दूध, दही, घी आदि) से स्नान कराने के बाद गिलाफ चढ़ाने का कार्य शुरू होगा।
- दोपहर 02:00 से 04:00 बजे: श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज की अगुआई में पवित्र श्री झण्डे जी का विधिवत आरोहण किया जाएगा।
डिजिटल माध्यमों पर होगा लाइव प्रसारण
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेला आयोजन समिति ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं:
- परिसर में 5 बड़ी एलईडी स्क्रीनें लगाई गई हैं।
- मेले की धार्मिक गतिविधियों का फेसबुक और यूट्यूब पर सीधा प्रसारण (Live Stream) किया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाएं और रक्तदान शिविर
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की मेडिकल टीम मेला स्थल पर 24 घंटे तैनात है। श्रद्धालुओं को निशुल्क दवाइयां और एम्बुलेंस सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके अलावा, श्री महाकाल सेवा समिति के सहयोग से आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में अब तक 150 यूनिट रक्त एकत्र किया जा चुका है।
ऐतिहासिक महत्व
सिखों के सातवें गुरु, श्री गुरु हर राय जी के ज्येष्ठ पुत्र श्री गुरु राम राय जी महाराज (जन्म 1646 ई.) ने देहरादून को अपनी तपस्थली बनाया था। परंपरा के अनुसार, हर वर्ष होली के पांचवें दिन (चैत्रवदी पंचमी) उनके जन्मदिवस पर यह ऐतिहासिक मेला आयोजित किया जाता है।
