देहरादून: ‘दृष्टि के मौन चोर’ से रहें सावधान, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने वॉकाथॉन के जरिए दिया ग्लूकोमा से बचाव का संदेश
1 min read


देहरादून: ‘दृष्टि के मौन चोर’ से रहें सावधान, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने वॉकाथॉन के जरिए दिया ग्लूकोमा से बचाव का संदेश
देहरादून | 08 मार्च, 2026
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय एवं श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के नेत्र रोग विभाग द्वारा रविवार, 8 मार्च को विश्व ग्लूकोमा सप्ताह (8 से 14 मार्च) के अवसर पर भव्य जन जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और मेडिकल छात्र-छात्राओं ने एक ‘वॉकाथॉन’ का आयोजन कर आमजन को काला मोतिया (ग्लूकोमा) के खतरों के प्रति सचेत किया।
वॉकाथॉन के जरिए जागरूकता की अलख
रविवार सुबह यह रैली श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल परिसर से शुरू होकर लाल पुल तक गई और वापस अस्पताल पहुंचकर संपन्न हुई। रैली में शामिल छात्र-छात्राओं ने हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को जागरूक किया।
- प्रमुख संदेश: “समय-समय पर नेत्र जांच करवाएं, काला मोतिया से आंखों को बचाएं” और “नियमित जांच का लें संकल्प, ग्लूकोमा से बचाव होगा सरल विकल्प” जैसे नारों के जरिए बीमारी से बचाव की अपील की गई।
ग्लूकोमा: दृष्टि का मौन चोर
नेत्र रोग विभाग की विभागाध्यक्ष एवं ग्लूकोमा विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका गुप्ता ने बताया कि ग्लूकोमा एक ऐसी बीमारी है जो प्रारंभिक अवस्था में बिना किसी लक्षण के धीरे-धीरे बढ़ती है, इसीलिए इसे “दृष्टि का मौन चोर” कहा जाता है।
- नियमित जांच जरूरी: इंट्राऑक्यूलर प्रेशर (आंखों के दबाव) की जांच, ऑप्टिक नर्व परीक्षण और विजुअल फील्ड जांच से इस रोग का शुरुआती पता लगाया जा सकता है।
- किन्हें है अधिक खतरा: 40 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, मधुमेह (Diabetes), उच्च रक्तचाप, स्टेरॉयड का उपयोग करने वाले या जिनके परिवार में ग्लूकोमा का इतिहास रहा हो, उन्हें नियमित जांच करानी चाहिए।
9 से 14 मार्च तक निःशुल्क जांच शिविर
अस्पताल प्रशासन ने जानकारी दी कि ग्लूकोमा सप्ताह के तहत 9 मार्च से 14 मार्च तक अस्पताल में निःशुल्क जांच शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसमें लेजर उपचार और चयनित सर्जरी भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीरेंद्र वर्मा, डॉ. अबिन पाल, डॉ. पुनीत ओहरी, डॉ. राजीव आजाद सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहे
