पंतनगर किसान मेला: ‘अन्नदाता ही हमारे असली नायक’, सीएम धामी ने 119वें कृषि कुंभ का किया भव्य आगाज
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पंतनगर किसान मेला: ‘अन्नदाता ही हमारे असली नायक’, सीएम धामी ने 119वें कृषि कुंभ का किया भव्य आगाज
पंतनगर (ऊधम सिंह नगर): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 119वें अखिल भारतीय किसान मेले एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने किसानों को राष्ट्र का ‘असली नायक’ बताते हुए कृषि क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं और प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया।
किसानों के कल्याण हेतु समर्पित सरकार
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प में किसानों की भूमिका सर्वोपरि है। उन्होंने जानकारी दी कि शुक्रवार को ही प्रधानमंत्री ने किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त जारी की है, जिससे उत्तराखंड के 9 लाख से अधिक किसान सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
जंगली जानवरों से बचाव के लिए 25 करोड़ की पहली किस्त
उत्तराखंड के किसानों की एक बड़ी समस्या—जंगली जानवरों द्वारा फसलों के नुकसान—पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र की सुरक्षा और घेराबड़ (Fencing) हेतु केंद्र सरकार द्वारा 25 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। इससे सीमांत और पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों को अपनी फसल बचाने में बड़ी मदद मिलेगी।
कृषि नवाचार और आय वृद्धि पर जोर
सीएम धामी ने खेती को आधुनिक और लाभप्रद बनाने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों का विवरण साझा किया:
- पॉलीहाउस योजना: किसानों की आय बढ़ाने के लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसमें से 115 करोड़ की लागत से 350 पॉलीहाउस स्थापित हो चुके हैं।
- एरोमा वैली और ड्रैगन फ्रूट: प्रदेश में 7 एरोमा वैली विकसित की जा रही हैं। साथ ही, बाजार में बढ़ती मांग को देखते हुए ड्रैगन फ्रूट की खेती को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
- सेब नीति: 1200 करोड़ की लागत से नई सेब नीति लागू की गई है, जिससे बागवानों को सीधा लाभ मिलेगा।
- मौन पालन और मशरूम: उत्तराखंड मशरूम उत्पादन में देश में 5वें स्थान पर और शहद उत्पादन में 8वें स्थान पर पहुंच गया है।
बजट में कृषि को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान सत्र में 1.11 लाख करोड़ का बजट पारित किया गया है, जिसमें कृषि, उद्यान, मत्स्य और शोध के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। किसानों के लिए क्रेडिट कार्ड की सीमा भी 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख कर दी गई है और 3 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
मेले का आकर्षण और वैज्ञानिकों से संवाद
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने बताया कि इस चार दिवसीय मेले में 350 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। प्रतिदिन लगभग 20 हजार किसान मेले में पहुंचकर नई तकनीकों, बीजों और आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी ले रहे हैं।
समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक तिलक राज बेहड, मेयर विकास शर्मा सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और हजारों की संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।
