ऋषिकेश: योग महोत्सव 2026 का भव्य आगाज; मंत्री सुबोध उनियाल बोले- PM मोदी ने योग को दिलाई वैश्विक पहचान
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ऋषिकेश: योग महोत्सव 2026 का भव्य आगाज; मंत्री सुबोध उनियाल बोले- PM मोदी ने योग को दिलाई वैश्विक पहचान
मुनि की रेती (ऋषिकेश): अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर तीर्थ नगरी ऋषिकेश के मुनि की रेती स्थित गंगा रिसोर्ट में ‘योग महोत्सव 2026’ का शानदार शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने दीप प्रज्वलित कर इस महोत्सव की शुरुआत की। इस अवसर पर वक्ताओं ने योग के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और उत्तराखंड की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
PM मोदी के प्रयासों से योग बना वैश्विक आंदोलन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के कारण ही भारत की प्राचीन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत ‘योग’ को आज पूरी दुनिया ने अपनाया है। उन्होंने कहा कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में वैश्विक मान्यता मिलना भारत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। आज योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि दुनिया भर के लिए जीवन जीने की एक पद्धति बन चुका है।
ऋषिकेश: विश्व की योग राजधानी
सुबोध उनियाल ने जोर देकर कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पवित्र हिमालयी वादियां प्राचीन काल से ही ऋषि-मुनियों की तपस्थली रही हैं। उन्होंने ऋषिकेश की महत्ता बताते हुए कहा, “आज ऋषिकेश विश्व की योग राजधानी (Yoga Capital of the World) के रूप में स्थापित हो चुका है। यहां हर साल हजारों विदेशी और स्वदेशी पर्यटक केवल शांति और अध्यात्म की खोज में आते हैं, जो हमारी आर्थिकी और संस्कृति दोनों के लिए गर्व की बात है।”
देश की पहली ‘योग नीति 2025’ और उत्तराखंड का रोडमैप (Data Analysis)
मंत्री सुबोध उनियाल ने राज्य सरकार द्वारा योग के क्षेत्र में किए जा रहे अभूतपूर्व कार्यों का डेटा साझा किया। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने अपनी स्वतंत्र योग नीति 2025 लागू की है। इस नीति के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- वित्तीय सहायता: प्रदेश में योग एवं ध्यान (Meditation) केंद्र स्थापित करने के लिए सरकार उद्यमियों और संस्थाओं को विशेष वित्तीय मदद प्रदान कर रही है।
- अनुसंधान को प्रोत्साहन: प्राकृतिक चिकित्सा, योग और ध्यान के क्षेत्र में नए रिसर्च के लिए सरकार ने बजट आवंटित किया है।
- आयुष्मान आरोग्य केंद्र: वर्तमान में उत्तराखंड में 300 आयुष्मान आरोग्य केंद्र सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं।
- वेलनेस सेंटर: प्रदेश भर में 62 वेलनेस सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं, जहां योग और आयुष पद्धतियों से इलाज किया जा रहा है।
- जनपद स्तरीय आयुष चिकित्सालय: राज्य के प्रत्येक जनपद में आयुष चिकित्सालयों का संचालन किया जा रहा है ताकि अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच सकें।
दिग्गज संतों और मंत्रियों की उपस्थिति
महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने भी योग को पर्यटन से जोड़ने पर बल दिया। कार्यक्रम में आध्यात्मिक गुरु और परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती जी, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी जी महाराज सहित कई बड़े संतों और गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। संतों ने संदेश दिया कि योग शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ मानसिक शांति का भी एकमात्र मार्ग है।
