UPCL Action Plan 2026: गर्मियों में नहीं होगी बिजली की किल्लत, एम०डी० अनिल कुमार ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
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UPCL Action Plan 2026: गर्मियों में नहीं होगी बिजली की किल्लत, एम०डी० अनिल कुमार ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
देहरादून: उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने आगामी ग्रीष्मकाल और वर्तमान वित्तीय वर्ष के लक्ष्यों को देखते हुए अपनी कमर कस ली है। सोमवार, 16 मार्च 2026 को यूपीसीएल के मुख्यालय में प्रबंध निदेशक श्री अनिल कुमार ने एक हाई-लेवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश भर के विद्युत अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु राजस्व वृद्धि, निर्निर्बाध विद्युत आपूर्ति और उपभोक्ता संतुष्टि रहा।
बैठक में प्रबंध निदेशक ने दो टूक शब्दों में कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारियों को फील्ड पर उतरकर नतीजों पर ध्यान देना होगा।
राजस्व वसूली में कोताही पर लगेगी लगाम
बैठक की शुरुआत में प्रबंध निदेशक ने वित्तीय स्वास्थ्य पर जोर देते हुए कहा कि राजस्व वसूली केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लक्ष्य आधारित होनी चाहिए।
- ठोस कार्ययोजना: सभी डिवीजन और मंडल प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के लिए एक सुदृढ़ रोडमैप तैयार करें।
- नियमित मॉनिटरिंग: फील्ड स्तर पर हो रही गतिविधियों की रोजाना निगरानी की जाएगी। एम०डी० ने स्पष्ट किया कि जोनल मुख्य अभियंता अपने क्षेत्रों की रिपोर्ट सीधे निदेशक (परिचालन) को सौंपेंगे।
- डिफिसिट सर्किल पर नजर: जिन क्षेत्रों में राजस्व वसूली लक्ष्य से कम है, वहां के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
भीषण गर्मी के लिए ‘ब्लूप्रिंट’ तैयार
मौसम विभाग के पूर्वानुमानों को देखते हुए इस वर्ष रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ने की संभावना है। ऐसे में बिजली की मांग में भारी उछाल आना तय है। यूपीसीएल ने इसके लिए अग्रिम रणनीति साझा की है:
1. निर्बाध आपूर्ति और बुनियादी ढांचा
प्रबंध निदेशक ने तकनीकी टीम को निर्देश दिए कि वे तुरंत ओवरलोडेड ट्रांसफार्मरों और फॉल्टी फीडरों की पहचान करें। उन्होंने कहा कि कमजोर लाइनों को समय रहते दुरुस्त किया जाए ताकि ट्रिपिंग की समस्या न हो।
2. दुर्गम क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए शहरी इलाकों के साथ-साथ दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में भी बिजली की निरंतरता बनाए रखने के लिए अलग से रणनीति तैयार की गई है।
3. मानव संसाधन का सही उपयोग
आपातकालीन स्थितियों और फॉल्ट को ठीक करने के लिए फील्ड पेट्रोलिंग बढ़ाने और तकनीकी कर्मचारियों की उचित तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि शिकायत मिलते ही उसका समाधान ‘क्विक रिस्पॉन्स टीम’ द्वारा किया जा सके।
स्मार्ट मीटरिंग और लाइन लॉस पर प्रहार
बिजली चोरी और तकनीकी कमियों के कारण होने वाले ‘लाइन लॉस’ को कम करना यूपीसीएल की प्राथमिकता है। एम०डी० अनिल कुमार ने स्मार्ट मीटरिंग परियोजना की प्रगति की समीक्षा की।
”स्मार्ट मीटरिंग के कार्य में तेजी लाना अनिवार्य है। संबंधित एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर एनर्जी एकाउंटिंग और सटीक बिलिंग सुनिश्चित की जाए। इससे न केवल राजस्व बढ़ेगा बल्कि उपभोक्ताओं को भी पारदर्शी बिलिंग का लाभ मिलेगा।” – अनिल कुमार, एम०डी० यूपीसीएल
उपभोक्ता सेवा उत्कृष्टता: सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक के समापन पर प्रबंध निदेशक ने सभी अधिकारियों को याद दिलाया कि यूपीसीएल एक सेवा प्रदाता संस्थान है, जिसका प्राथमिक उद्देश्य उपभोक्ता की समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और उपभोक्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करने की सलाह दी।
आगामी समीक्षा बैठक:
कार्य की प्रगति को जांचने के लिए यूपीसीएल प्रबंधन ने अगले सप्ताह पुनः समीक्षा बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। इसमें आज दिए गए निर्देशों के अनुपालन की रिपोर्ट पेश करनी होगी।
