देवभूमि के पत्रकारों ने जाना ओडिशा का विकास मॉडल; रेल कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर और सुभद्रा योजना की बारीकियों से हुए रूबरू
1 min read


देवभूमि के पत्रकारों ने जाना ओडिशा का विकास मॉडल; रेल कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर और सुभद्रा योजना की बारीकियों से हुए रूबरू
भुवनेश्वर/देहरादून। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और राज्य के विकास मॉडल को समझने के उद्देश्य से उत्तराखंड के पत्रकारों का एक 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल इन दिनों ओडिशा के पांच दिवसीय मीडिया टूर पर है। सूचना प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार पीआई बी (PIB) देहरादून द्वारा आयोजित इस दौरे के पहले दिन सोमवार को पत्रकारों ने ओडिशा में बुनियादी ढांचे, तकनीक और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में हो रहे अभूतपूर्व कार्यों की जानकारी ली।

पारंपरिक ‘पट्टा’ पहनाकर हुआ देवभूमि के पत्रकारों का स्वागत
भुवनेश्वर पहुँचने पर प्रतिनिधिमंडल ने पीआईबी ओडिशा के एडीजी श्री अखिल कुमार मिश्रा से शिष्टाचार भेंट की। श्री मिश्रा ने उत्तराखंड से आए सभी पत्रकारों का पारंपरिक सम्मान स्वरूप “पट्टा” पहनाकर भव्य स्वागत किया। इस दौरान पीआईबी देहरादून के सहायक निदेशक श्री संजीव सुंद्रियाल के नेतृत्व में पत्रकारों ने ओडिशा की प्रगति पर चर्चा की।
ओडिशा के विकास के तीन मुख्य स्तंभ: रेल, चिप और महिला शक्ति
एडीजी श्री अखिल कुमार मिश्रा ने पत्रकारों के साथ केंद्र सरकार की तीन प्रमुख योजनाओं पर विस्तृत जानकारी साझा की:
- रेल कॉरिडोर योजना (₹28,000 करोड़ का निवेश): उन्होंने बताया कि यह योजना ओडिशा के खनिज क्षेत्रों को बंदरगाहों (पारादीप और धामरा) से जोड़ने वाली एक गेम-चेंजर परियोजना है। इससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
- सेमीकंडक्टर मिशन: ओडिशा अब एक टेक्नोलॉजी हब के रूप में उभर रहा है। भुवनेश्वर में करीब ₹4,600 करोड़ के निवेश से चिप निर्माण और पैकेजिंग यूनिट्स स्थापित की जा रही हैं, जो डिफेंस और ईवी (EV) सेक्टर को मजबूती प्रदान करेंगी।
- सुभद्रा योजना: महिला सशक्तिकरण की दिशा में यह योजना मील का पत्थर साबित हो रही है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं और समाज में अपनी भूमिका मजबूत कर रही हैं।
कोणार्क के सूर्य मंदिर और रघुराजपुर हेरिटेज विलेज का भ्रमण
विकास योजनाओं को समझने के साथ-साथ पत्रकारों के दल ने ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी अवलोकन किया:
- कोणार्क सूर्य मंदिर: यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल कोणार्क सूर्य मंदिर की भव्य स्थापत्य कला और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। पत्रकारों ने कोणार्क संग्रहालय का भी दौरा किया, जहाँ प्राचीन अवशेषों और संरक्षण प्रयासों की जानकारी ली।
- रघुराजपुर हेरिटेज विलेज: पत्रकारों ने विश्व प्रसिद्ध हस्तशिल्प गांव रघुराजपुर का दौरा किया। यहाँ के लगभग 160 परिवार पीढ़ियों से ‘पत्ताचित्र’, ताड़पत्र चित्रकला और पारंपरिक लोककला को जीवित रखे हुए हैं। कलाकारों ने बताया कि यहाँ हर घर एक कार्यशाला है, जहाँ कला ही जीवन का आधार है।
आगामी कार्यक्रम
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे श्री संजीव सुंद्रियाल ने बताया कि पांच दिवसीय दौरे के अगले चरणों में पत्रकार दल भुवनेश्वर और आसपास के प्रमुख संस्थानों, तकनीकी केंद्रों और अन्य पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेगा ताकि उत्तराखंड और ओडिशा के बीच विकासात्मक संवाद को और मजबूती मिल सके।
इस अवसर पर पीआईबी ओडिशा के अधिकारी श्री महेंद्र जीना भी मौजूद रहे, जिन्होंने विभिन्न योजनाओं की जमीनी हकीकत और उनके कार्यान्वयन पर पत्रकारों के साथ संवाद किया।
मुख्य बिंदु (Highlights):
- प्रतिनिधिमंडल: 15 सदस्यीय पत्रकार दल (उत्तराखंड)।
- प्रमुख योजनाएं: रेल कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर मिशन, सुभद्रा योजना।
- सांस्कृतिक भ्रमण: कोणार्क सूर्य मंदिर, रघुराजपुर (पत्ताचित्र कला)।
- नेतृत्व: संजीव सुंद्रियाल (असिस्टेंट डायरेक्टर, PIB देहरादून)
