Vanaras Vikramaditya Drama CM योगी और CM डॉ. मोहन यादव ने किया संस्कृति का संगम,
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Vanaras Vikramaditya Drama CM योगी और CM डॉ. मोहन यादव ने किया संस्कृति का संगम,
वाराणसी: धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी में आज इतिहास जीवंत हो उठा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित ‘महान सम्राट विक्रमादित्य’ महानाट्य के मंचन का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक साथ एक ही मंच पर नजर आए। वाराणसी पहुंचने पर डॉ. मोहन यादव का यूपी सरकार की ओर से आत्मीय स्वागत किया गया, जिसके बाद दोनों मुख्यमंत्री सर्किट हाउस से होते हुए कार्यक्रम स्थल (BLW) के लिए रवाना हुए।
कौन थे सम्राट विक्रमादित्य? उनका महान जीवन दर्शन

इतिहास के पन्नों में सम्राट विक्रमादित्य का नाम एक ऐसे न्यायप्रिय और प्रतापी शासक के रूप में दर्ज है, जिन्होंने न केवल विदेशी आक्रमणकारियों (शकों) को भारत से खदेड़ा, बल्कि ‘विक्रमी संवत’ की शुरुआत कर भारतीय काल गणना को नई दिशा दी।न्याय के प्रतीक: उनका ‘न्याय सिंहासन’ आज भी निष्पक्षता की मिसाल माना जाता है।प्रजा कल्याण: उन्होंने प्रजा को शोक और दरिद्रता से मुक्त कर ‘सुख-समृद्धि’ का युग स्थापित किया।सांस्कृतिक पुनरुत्थान: उनके दरबार में ‘नवरत्न’ (कालिदास जैसे महान विद्वान) मौजूद थे, जिन्होंने कला और साहित्य को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
महानाट्य के जरिए क्या दी जा रही है प्रस्तुति?
वाराणसी के BLW मैदान में 5 अप्रैल तक चलने वाले इस 3D महानाट्य में सम्राट विक्रमादित्य के जीवन के विभिन्न पहलुओं को आधुनिक तकनीक और भव्य सेट के जरिए दिखाया जा रहा है।
ऐतिहासिक युद्ध: मंच पर घोड़ों, हाथियों और सैकड़ों कलाकारों के साथ उनके शौर्य और युद्ध कौशल का जीवंत चित्रण।नैतिक शिक्षा: युवाओं को यह संदेश देना कि किस तरह उन्होंने बुराइयों को समाप्त किया और धर्म की स्थापना की।भव्य मंच सज्जा: कार्यक्रम स्थल पर बनाया गया सेट इतना दिव्य है कि दर्शक प्राचीन उज्जैन की अनुभूति कर रहे हैं।
मुख्यमंत्रियों का संबोधन: युवाओं के लिए प्रेरणा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार का उद्देश्य सम्राट विक्रमादित्य के महान कार्यों को जन-जन तक पहुंचाना है ताकि आम लोग उनके जीवन दर्शन से सीख ले सकें। वहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि आज के युवाओं को नैतिक शिक्षा और गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने के लिए ऐसे मंचन अनिवार्य हैं। उन्होंने कहा कि विक्रमादित्य का जीवन हमें अच्छाई और कर्तव्य पथ पर चलने की प्रेरणा देता है।
मीडिया और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस दोहरे प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के प्रवास को लेकर वाराणसी पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पत्रकारों के लिए विशेष मीडिया गैलरी बनाई गई है। स्थानीय पत्रकारों और जनता में इस आयोजन को लेकर भारी उत्साह है। एक पत्रकार ने बताया कि मंच की सजावट अद्भुत है और सम्राट विक्रमादित्य के बारे में जो कहानियां सुनी थीं, उन्हें साक्षात देखना एक सुखद अनुभव है। स्कूली छात्र-छात्राओं से लेकर विदेशी पर्यटक तक इस सांस्कृतिक महाकुंभ का हिस्सा बन रहे हैं।
