राजस्थान रिफाइनरी में भीषण आग, प्रधानमंत्री मोदी का उद्घाटन कार्यक्रम स्थगित
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राजस्थान रिफाइनरी में भीषण आग, प्रधानमंत्री मोदी का उद्घाटन कार्यक्रम स्थगित
बालोतरा/जयपुर | विशेष संवाददाता
राजस्थान: पश्चिमी राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में स्थित बहुप्रतीक्षित HPCL राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) से एक बड़ी और दुर्भाग्यपूर्ण खबर सामने आ रही है। सोमवार को रिफाइनरी परिसर के भीतर अचानक भीषण आग लग जाने से हड़कंप मच गया। इस अग्निकांड के कारण सुरक्षा कारणों और तकनीकी जांच के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रस्तावित दौरा और रिफाइनरी का भव्य उद्घाटन कार्यक्रम तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है।
प्रधानमंत्री कल, यानी 22 अप्रैल को इस विशाल परियोजना का लोकार्पण करने वाले थे, जिसकी तैयारियां अंतिम चरण में थीं।
कैसे भड़की आग?
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर रिफाइनरी की एक मुख्य यूनिट (संभवतः क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट) के पास अचानक लपटें उठती देखी गईं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और काले धुएं का गुबार आसमान में कई किलोमीटर दूर से दिखाई देने लगा। घटना के वक्त परिसर में सैकड़ों इंजीनियर और श्रमिक मौजूद थे। रिफाइनरी के इन-हाउस फायर फाइटिंग सिस्टम और स्थानीय प्रशासन की दमकल गाड़ियों ने करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
पेट्रोलियम मंत्रालय और सरकार की प्रतिक्रिया
हादसे के तुरंत बाद केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की। मंत्रालय ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह एक तकनीकी दुर्घटना प्रतीत होती है, लेकिन सुरक्षा सर्वोपरि है। इसी कारण प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को टालने का निर्णय लिया गया है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया और प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से बताया:”पचपदरा रिफाइनरी में आग लगने की सूचना मिलते ही प्रशासन को मुस्तैद कर दिया गया था। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इस हादसे में कोई जनहानि (Casualty) नहीं हुई है और न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ है। रिफाइनरी प्रबंधन और विशेषज्ञों की टीम आग लगने के कारणों की तह तक जाने के लिए विस्तृत जांच कर रही है।”
करोड़ों का नुकसान और जांच के घेरे में सुरक्षा
हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन इस आग से रिफाइनरी को करोड़ों रुपये के आर्थिक नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। महंगी मशीनें, पाइपलाइन्स और इलेक्ट्रिकल वायरिंग इस आग की चपेट में आई हैं।
सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय कमेटी (High-level Committee) का गठन किया है। जांच के मुख्य बिंदु निम्नलिखित होंगे:आग लगने का सटीक तकनीकी कारण (शॉर्ट सर्किट या गैस लीकेज)।क्या सुरक्षा प्रोटोकॉल में कोई लापरवाही बरती गई?उद्घाटन से ठीक पहले इस तरह की घटना के पीछे कोई अन्य कारण तो नहीं?
उद्घाटन पर अनिश्चितता के बादल
पचपदरा रिफाइनरी राजस्थान के लिए एक ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ है। यह देश की पहली ऐसी परियोजना है जो रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का मिश्रण है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इसका शुभारंभ राजस्थान के औद्योगिक इतिहास में एक नया अध्याय लिखने वाला था। कार्यक्रम स्थगित होने से न केवल प्रशासनिक अमले में मायूसी है, बल्कि स्थानीय लोगों और व्यापारिक जगत को भी अब नई तारीख का इंतजार करना होगा।
फिलहाल, पूरी रिफाइनरी को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है और बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित कर दिया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक पूरी यूनिट की ‘सेफ्टी ऑडिट’ नहीं हो जाती, तब तक कामकाज दोबारा शुरू करना जोखिम भरा हो सकता है।
यह हादसा एक चेतावनी है कि इतने बड़े और संवेदनशील संयंत्रों में सुरक्षा के मानकों के साथ रत्ती भर भी समझौता नहीं किया जा सकता। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके बाद ही प्रधानमंत्री के नए कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी।
