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सीएम धामी ने सांसद हेमा मालिनी  को भेंट किए’हाउस ऑफ हिमालयाज’ उत्पाद, मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंडी उत्पाद को दी नई पहचान

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सीएम धामी ने सांसद हेमा मालिनी  को भेंट किए’हाउस ऑफ हिमालयाज’ उत्पाद, मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंडी उत्पाद को दी नई पहचान

नई दिल्ली/देहरादून। उत्तराखंड की पावन धरा के उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का “मिशन मार्केटिंग” अब नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इसी कड़ी में, नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड निवास में एक शिष्टाचार भेंट के दौरान भारतीय सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री और मथुरा की सांसद हेमा मालिनी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस मुलाकात में विशेष आकर्षण रहा उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों का अम्ब्रेला ब्रांड ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ (House of Himalayas), जिसे मुख्यमंत्री ने अभिनेत्री को उपहार स्वरूप भेंट किया।

किसानों की समृद्धि का नया ‘अम्ब्रेला’: हाउस ऑफ हिमालयाज

​मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाते हुए उत्तराखंड के उत्पादों की ब्रांडिंग के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड लॉन्च किया था। इसका मुख्य उद्देश्य बिचौलियों को खत्म कर किसानों और स्वयं सहायता समूहों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य दिलाना है।

​हेमा मालिनी के साथ इस भेंट के गहरे मायने हैं:​ग्लोबल विजिबिलिटी: जब हेमा मालिनी जैसी अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त हस्ती इन उत्पादों से जुड़ती हैं, तो ब्रांड की पहुंच सीधे करोड़ों लोगों तक पहुंचती है।​सांस्कृतिक संगम: देवभूमि की शुद्धता और ब्रज की सांसद का यह मिलन उत्तराखंडी उत्पादों के लिए नए बाजार के द्वार खोलता है।

ऑर्गेनिक स्टेट की ओर बढ़ते कदम

​उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश को ‘ऑर्गेनिक हब’ बनाने के लिए कमर कस ली है। इसी दिशा में सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं:​ऑर्गेनिक सेंटर की घोषणा: प्रदेश के कई जनपदों को पूर्णतः ऑर्गेनिक सेंटर घोषित किया गया है, जहाँ रसायनों का शून्य उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।GI टैगिंग (Geographical Indication): उत्तराखंड के प्रसिद्ध उत्पादों (जैसे मुनस्यारी का राजमा, तेजपात, मंडुआ आदि) के लिए जीआई रजिस्ट्रेशन कराया गया है। यह इन उत्पादों की शुद्धता और विशिष्टता की कानूनी मुहर है।​राज्यों में आउटलेट्स: सिर्फ प्रदेश ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड सरकार ने दिल्ली, मुंबई और अन्य प्रमुख शहरों में विशेष आउटलेट्स खोले हैं ताकि ‘पहाड़ का स्वाद’ हर रसोई तक पहुंचे।

किसानों की बढ़ेगी आर्थिक ताकत

​मुख्यमंत्री धामी का मानना है कि जब उत्पाद को सही पहचान मिलेगी, तभी किसान का आर्थिक सशक्तिकरण होगा। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के माध्यम से:

उत्पादन में वृद्धि: मांग बढ़ने से किसान अधिक उत्पादन के लिए प्रोत्साहित होंगे।​रोजगार के अवसर: गांवों में ही प्रोसेसिंग यूनिट्स लगने से पलायन पर रोक लगेगी।​सीधी आय: बिचौलियों के हटने से मुनाफे का बड़ा हिस्सा सीधे काश्तकारों की जेब में जाएगा।​“हमारा लक्ष्य उत्तराखंड के शुद्ध उत्पादों को दुनिया के हर कोने तक पहुंचाना है। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ केवल एक ब्रांड नहीं, बल्कि हमारे मेहनती किसानों की पहचान और उनके स्वावलंबन का प्रतीक है।”पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

​हेमा मालिनी और मुख्यमंत्री धामी की यह भेंट केवल शिष्टाचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड के आत्मनिर्भर बनने के संकल्प की एक बानगी है। जिस तरह से सरकार ऑर्गेनिक खेती और मार्केटिंग पर जोर दे रही है, उससे निश्चित ही आने वाले समय में उत्तराखंड के जैविक उत्पाद दुनिया भर के डाइनिंग टेबल की शोभा बढ़ाएंगे और पहाड़ के किसानों के जीवन में समृद्धि की नई किरण लेकर आएंगे।

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