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कंचनगंगा हिमस्खलन से किसी प्रकार का नुकसान नहीं, स्थिति पूरी तरह सामान्य: चमोली जिलाधिकारी

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कंचनगंगा हिमस्खलन से किसी प्रकार का नुकसान नहीं, स्थिति पूरी तरह सामान्य: चमोली जिलाधिकारी

चमोली, 24 मई 2026 (सूवि)। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम के बदलते मिजाज के बीच चमोली जनपद के कंचनगंगा क्षेत्र से हिमस्खलन (एवलांच) की एक खबर सामने आई है। इस घटना को लेकर जिला प्रशासन ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए आम जनमानस को आश्वस्त किया है कि इस हिमस्खलन से क्षेत्र में किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है और वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और सामान्य है।

​जिलाधिकारी ने बताया कि कंचनगंगा क्षेत्र में हुआ हिमस्खलन एक सामान्य प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा है। हिमालयी क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं समय-समय पर होना स्वाभाविक है, इसलिए इसे लेकर किसी भी प्रकार के भय या घबराहट की आवश्यकता नहीं है।

​खाई में ही थम गया हिमस्खलन, सुरक्षित है मुख्य मार्ग

​घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीम ने तुरंत मौके की स्थिति का जायजा लिया। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि हिमस्खलन का वेग और दायरा सीमित था। ग्लेशियर का जो हिस्सा टूटकर नीचे गिरा, वह मुख्य सड़क मार्ग तक नहीं पहुंच पाया।हिमस्खलन का मलबा और बर्फ ऊपरी ढलानों से खिसककर नीचे स्थित गहरी खाई वाले क्षेत्र में ही रुक गया। इस वजह से कंचनगंगा क्षेत्र से गुजरने वाले मुख्य यातायात मार्ग पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है। न तो वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है और न ही आम जनजीवन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।”

 

​राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि इस पूरी घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि (जान का नुकसान) अथवा पशुधन या किसी निजी व सरकारी संपत्ति की क्षति की कोई सूचना नहीं है। प्रभावित क्षेत्र में कोई मानव आबादी या रिहायशी इलाका नहीं था, जिससे एक बड़ा खतरा टल गया।

​अफवाहों से बचें, आधिकारिक सूचनाओं पर ही करें भरोसा

​ऐसी प्राकृतिक घटनाओं के बाद अक्सर सोशल मीडिया और विभिन्न मैसेजिंग ऐप्स पर बढ़ा-चढ़ाकर भ्रामक खबरें और पुरानी तस्वीरें या वीडियो प्रसारित होने लगते हैं। इससे न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि चारधाम यात्रा और पर्यटन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं में भी बेवजह का डर पैदा हो जाता है।

​इसी के मद्देनजर जिलाधिकारी गौरव कुमार ने आम जनता, पर्यटकों और तीर्थयात्रियों से विशेष अपील की है:​अफवाहों पर ध्यान न दें: सोशल मीडिया या अन्य अनधिकृत माध्यमों से फैल रही किसी भी प्रकार की सनसनीखेज खबरों या अफवाहों पर कतई ध्यान न दें।​सत्यता की जांच करें: किसी भी सूचना को आगे शेयर करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें।​आधिकारिक स्रोतों पर विश्वास करें: चमोली जिला प्रशासन और सूचना विभाग द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली आधिकारिक विज्ञप्तियों और सूचनाओं को ही सच मानें।

​प्रशासन मुस्तैद, लगातार की जा रही है निगरानी

​भले ही स्थिति पूरी तरह सामान्य है, लेकिन जिला प्रशासन किसी भी प्रकार की ढील बरतने के मूड में नहीं है। चमोली आपदा प्रबंधन तंत्र, स्थानीय पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं।

​जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन द्वारा कंचनगंगा और उसके आसपास के संवेदनशील ग्लेशियर क्षेत्रों की लगातार सैटेलाइट, दूरबीन और ग्राउंड टीमों के माध्यम से निगरानी की जा रही है। सीमांत क्षेत्रों में तैनात कर्मियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में तुरंत क्विक रिपॉन्स (त्वरित कार्रवाई) की जा सके।

​चमोली जनपद में वर्तमान में मौसम और यातायात की स्थिति सुचारू है। बद्रीनाथ धाम सहित अन्य यात्रा मार्गों पर आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी है। प्रशासन ने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को संदेश दिया है कि चमोली पूरी तरह सुरक्षित है और वे बिना किसी डर के अपनी यात्रा जारी रख सकते हैं।

(रिपोर्ट: सोहन सिंह, चमोली संवाददाता)

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