गोपीनाथ पीजी कॉलेज में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन: छात्र-छात्राओं और अतिथियों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
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गोपीनाथ पीजी कॉलेज में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन: छात्र-छात्राओं और अतिथियों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
देवली-सलामतपुर (गाज़ीपुर)।
बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों के बीच पर्यावरण को बचाने के संकल्प के साथ गोपीनाथ पीजी कॉलेज, देवली, सलामतपुर में एक भव्य और वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “एक पेड़ माँ के नाम” तथा “हरियाली ही खुशहाली” के प्रेरक नारों और संदेशों के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और गणमान्य अतिथियों ने बेहद उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य न केवल परिसर को हरा-भरा बनाना था, बल्कि युवा पीढ़ी में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को जागृत करना भी था।

विभिन्न प्रजातियों के पौधों का हुआ रोपण
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिसर और उसके आसपास के विस्तृत क्षेत्रों को हरित पट्टी के रूप में विकसित करने का प्रयास किया गया। इस महाभियान के तहत विभिन्न प्रजातियों के छायादार, फलदार और औषधीय पौधों का रोपण किया गया। रोपे गए पौधों में मुख्य रूप से नीम, पीपल, बरगद, जामुन, आम, आंवला और तुलसी जैसे पौधे शामिल थे, जो न केवल पर्यावरण को शुद्ध रखने में मददगार हैं, बल्कि स्वास्थ्य और आयुर्वेद के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
मुख्य अतिथियों और संरक्षकों द्वारा शुभारंभ
इस वृहद अभियान का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथियों और महाविद्यालय प्रबंधन द्वारा संयुक्त रूप से पहला पौधा लगाकर किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
- राकेश तिवारी (संरक्षक, गोपीनाथ पीजी कॉलेज)
- हीरा मणि चौहान (ग्राम प्रधान)
- डॉ. सुधा त्रिपाठी (प्राचार्या, गोपीनाथ पीजी कॉलेज)
शुरुआत के बाद, महाविद्यालय के प्राध्यापकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और सैकड़ों की संख्या में मौजूद छात्र-छात्राओं ने परिसर के अलग-अलग हिस्सों में जाकर पौधारोपण किया।
वृक्ष मानव जीवन की अमूल्य धरोहर: प्राचार्यापौधारोपण के उपरांत आयोजित एक विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सुधा त्रिपाठी ने वृक्षों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा,”वृक्ष केवल पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने का जरिया नहीं हैं, बल्कि ये मानव जीवन की सबसे अमूल्य और पवित्र धरोहर हैं। बिना प्रकृति और वनस्पतियों के मानव जीवन के अस्तित्व की कल्पना भी नहीं की जा सकती।”
उन्होंने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए एक विशेष आह्वान किया कि हर विद्यार्थी को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। डॉ. त्रिपाठी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि हमारी जिम्मेदारी केवल पौधा लगाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि हमें उसकी तब तक नियमित देखभाल और सिंचाई करनी होगी, जब तक कि वह एक बड़ा और सशक्त वृक्ष न बन जाए।
वैश्विक चुनौतियों का एकमात्र समाधान प्रकृति की ओर लौटना: राकेश तिवारी
महाविद्यालय के संरक्षक राकेश तिवारी ने अपने संबोधन में वर्तमान समय में आ रहे पर्यावरणीय बदलावों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग, असमय मौसम परिवर्तन और बढ़ते वायु प्रदूषण से जूझ रही है। इन सभी समस्याओं का यदि कोई सबसे सरल, प्रभावी और प्राकृतिक समाधान है, तो वह है व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करना।
उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों को केवल एक दिन के उत्सव तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे एक जन-अभियान का रूप देना होगा। जब तक समाज का प्रत्येक व्यक्ति प्रकृति के संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी नहीं निभाएगा, तब तक हम आने वाली पीढ़ी को एक सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य नहीं दे पाएंगे। ग्राम प्रधान हीरा मणि चौहान ने भी इस पहल की सराहना करते हुए ग्रामीणों और युवाओं को प्रकृति से जुड़ने का संदेश दिया।
विद्यार्थियों में दिखा अभूतपूर्व उत्साह, लिया सामूहिक संकल्प
इस अभियान को सफल बनाने में कॉलेज के छात्र-छात्राओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) और अन्य विभागों के विद्यार्थियों ने टोलियां बनाकर पूरे उत्साह के साथ गड्ढे खोदे, मिट्टी तैयार की और पौधों को रोपने का कार्य किया। छात्र-छात्राओं में पर्यावरण को लेकर एक नई ऊर्जा और चेतना देखने को मिली।
कार्यक्रम के समापन सत्र में उपस्थित समस्त प्राध्यापकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने हाथ उठाकर एक सुर में सामूहिक संकल्प लिया। सभी ने प्रण लिया कि वे परिसर में लगाए गए प्रत्येक पौधे की नियमित रूप से सुरक्षा करेंगे, उन्हें समय पर पानी देंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी पौधा नष्ट न हो। इसके साथ ही, महाविद्यालय परिवार ने आसपास के गांवों और समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता फैलाने का भी संकल्प दोहराया। इस सफल आयोजन से पूरा कॉलेज परिसर हरी-भरी ऊर्जा और सकारात्मकता से सराबोर नजर आया।
