देवभूमि में ऐतिहासिक ‘UCC दिवस’: समान नागरिक संहिता के सफल कार्यान्वयन का एक वर्ष पूरा
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देवभूमि में ऐतिहासिक ‘UCC दिवस’: समान नागरिक संहिता के सफल कार्यान्वयन का एक वर्ष पूरा
ब्यूरो रिपोर्ट
देहरादून। उत्तराखंड के इतिहास में आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। राज्य आज अपना पहला ‘देवभूमि समान नागरिक संहिता (UCC) दिवस’ मना रहा है। ठीक एक वर्ष पूर्व, 27 जनवरी 2025 को उत्तराखंड इस क्रांतिकारी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना था। इस ऐतिहासिक उपलब्धि और एक वर्ष के सफल सफर के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज देहरादून में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे।
मुख्यमंत्री का आज का विस्तृत कार्यक्रम
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री का दिन सामाजिक और प्रशासनिक दोनों कार्यों के लिए समर्पित रहेगा:
- सुबह 11:30 बजे: मुख्यमंत्री देहरादून के नींबूवाला, गढ़ी कैण्ट स्थित हिमालयन कल्चरल सेंटर पहुँचेंगे। यहाँ वे ‘प्रथम देवभूमि समान नागरिक संहिता दिवस’ समारोह का विधिवत उद्घाटन करेंगे और मुख्य अतिथि के रूप में जनता को संबोधित करेंगे।
- समारोह के मुख्य आकर्षण: इस भव्य कार्यक्रम में यूसीसी के लागू होने के बाद समाज में आए सकारात्मक बदलावों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। साथ ही, इस कानून के सफल संचालन और धरातल पर क्रियान्वयन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित भी किया जाएगा।
- दोपहर 12:55 बजे: मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय, देहरादून लौटेंगे। यहाँ का समय पूर्णतः शासकीय कार्यों के लिए आरक्षित रखा गया है, जिसमें वे शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लंबित फाइलों और आगामी योजनाओं पर चर्चा करेंगे।
UCC: एक वर्ष की उपलब्धियाँ और सामाजिक बदलाव
पिछले एक साल में उत्तराखंड ने समान नागरिक संहिता के माध्यम से सामाजिक न्याय और समानता की नई परिभाषा लिखी है:
- पारदर्शी पंजीकरण प्रक्रिया: राज्य सरकार ने विवाह और लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण को पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। पोर्टल के माध्यम से अब यह प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुलभ हो गई है।
- महिला सशक्तिकरण और अधिकार: यूसीसी के तहत पैतृक संपत्ति में पुत्रियों को समान अधिकार और विवाह की न्यूनतम आयु सुनिश्चित करने जैसे ऐतिहासिक प्रावधानों से महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक स्तर में सुधार देखा गया है।
- विधिक सुधार (संशोधन 2026): हाल ही में राज्य ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए ‘समान नागरिक संहिता (संशोधन) अध्यादेश 2026’ को राज्यपाल से मंजूरी दिलाई है। इससे कानून के उल्लंघन पर दंड के प्रावधानों को और अधिक स्पष्ट और प्रभावी बनाया गया है
