लखनऊ की सुरक्षा होगी अभेद्य: VVIP मूवमेंट के लिए तैनात होंगी एंटी-ड्रोन गन, UP 112 के बेड़े में शामिल होंगी 259 नई PRV गाड़ियाँ
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लखनऊ की सुरक्षा होगी अभेद्य: VVIP मूवमेंट के लिए तैनात होंगी एंटी-ड्रोन गन, UP 112 के बेड़े में शामिल होंगी 259 नई PRV गाड़ियाँ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को अपराध मुक्त और सुरक्षा की दृष्टि से हाई-टेक बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। शहर की संवेदनशीलता और लगातार बढ़ते VVIP मूवमेंट को देखते हुए शासन ने सुरक्षा के आधुनिक संसाधनों के लिए करोड़ों रुपये का बजट मंजूर किया है। इस नई योजना के तहत लखनऊ की सुरक्षा अब जमीन से लेकर आसमान तक अभेद्य होगी।
आसमान से मंडराते खतरों पर ‘एंटी-ड्रोन’ का वार
आधुनिक दौर में ड्रोन तकनीक का दुरुपयोग सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। खास तौर पर VVIP कार्यक्रमों, रैलियों और संवेदनशील प्रतिष्ठानों के ऊपर अवैध ड्रोन का मंडराना सुरक्षा में बड़ी चूक का कारण बन सकता है। इसी खतरे को भांपते हुए उत्तर प्रदेश शासन ने 4 अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन गन खरीदने का निर्णय लिया है।
इन 4 एंटी-ड्रोन गन के लिए कुल 2.19 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि मंजूर की गई है। ये गन्स पूरी तरह से पोर्टेबल होंगी, जिन्हें सुरक्षाकर्मी आसानी से कहीं भी ले जा सकेंगे। यह तकनीक किसी भी संदिग्ध ड्रोन के रेडियो फ्रीक्वेंसी सिग्नल को जाम करने और उसे बीच हवा में ही निष्क्रिय करने या सुरक्षित लैंड कराने में सक्षम है। इससे लखनऊ में आयोजित होने वाले बड़े कार्यक्रमों और राजनेताओं के दौरों के दौरान सुरक्षा का घेरा और भी ज्यादा मजबूत हो जाएगा।
UP 112 का रिस्पॉन्स होगा और भी तेज
सिर्फ आसमान ही नहीं, बल्कि सड़कों पर भी पुलिस की मौजूदगी और सक्रियता बढ़ाने के लिए सरकार ने बड़ा निवेश किया है। आपातकालीन सेवाओं के लिए जानी जाने वाली UP 112 (Police Response Vehicle – PRV) के बेड़े का विस्तार किया जा रहा है। शासन ने 259 नई PRV गाड़ियों की खरीद को हरी झंडी दे दी है।
वर्तमान में कार्यरत कई पुराने वाहनों को रिप्लेस कर इन नए और आधुनिक गाड़ियों को सड़कों पर उतारा जाएगा। इन नई PRV गाड़ियों में GPS और आधुनिक संचार तकनीक होगी, जिससे पुलिस का ‘रिस्पॉन्स टाइम’ (घटनास्थल पर पहुँचने का समय) और भी कम होगा। यह कदम न केवल राजधानी लखनऊ बल्कि पूरे प्रदेश की कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगा।
सुरक्षा का नया मॉडल और तकनीकी अपग्रेडेशन
एडिशनल डीसीपी (अपराध/सुरक्षा) और संबंधित विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ये बजट आवंटन सुरक्षा को डिजिटल युग की चुनौतियों के अनुरूप ढालने की कोशिश है। एंटी-ड्रोन तकनीक का समावेश अब केवल विशेष अभियानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे नियमित सुरक्षा प्रोटोकॉल का हिस्सा बनाया जाएगा।
