UP Excise Department Action: आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल का हंटर, बिजनौर जिला आबकारी अधिकारी पर विभागीय जांच के आदेश; 10 जिलों के अफसरों को नोटिस
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UP Excise Department Action: आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल का हंटर, बिजनौर जिला आबकारी अधिकारी पर विभागीय जांच के आदेश; 10 जिलों के अफसरों को नोटिस
लखनऊ/बिजनौर | 08 मार्च, 2026
उत्तर प्रदेश सरकार ने राजस्व वसूली में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। प्रदेश के आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने राजस्व लक्ष्यों को पूरा करने में विफल रहने वाले 10 जिलों के जिला आबकारी अधिकारियों (DEO) के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई की जद में बिजनौर के आबकारी अधिकारी भी आए हैं, जिनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने का आदेश दिया गया है।
राजस्व वसूली में कमी पर गिरी गाज
आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान यह पाया गया कि प्रदेश के कई जिलों में शराब की बिक्री और उससे प्राप्त होने वाले राजस्व का प्रदर्शन पिछले वर्षों और निर्धारित लक्ष्यों की तुलना में काफी कम रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए मंत्री नितिन अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि राजस्व की चोरी या वसूली में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इन 10 जिलों के अधिकारियों को मिला नोटिस
आबकारी मंत्री ने राजस्व वसूली में अपेक्षाकृत कम प्रदर्शन (Low Performance) के कारण निम्नलिखित जिलों के जिला आबकारी अधिकारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है:
- लखनऊ
- कानपुर नगर
- मेरठ
- मुरादाबाद
- आगरा
- बरेली
- अलीगढ़
- बुलंदशहर
- हाथरस
- बिजनौर (यहाँ जांच के साथ विशेष आदेश जारी हुए हैं)
बिजनौर जिला आबकारी अधिकारी पर विभागीय जांच
मंत्री नितिन अग्रवाल ने बिजनौर के जिला आबकारी अधिकारी के विरुद्ध न केवल स्पष्टीकरण मांगा है, बल्कि उनके खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Inquiry) के भी आदेश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, बिजनौर जिले में राजस्व प्राप्ति में भारी गिरावट और प्रवर्तन कार्यों (Enforcement Works) में शिथिलता को देखते हुए यह कड़ा कदम उठाया गया है।
मंत्री का कड़ा संदेश: जवाबदेही होगी तय
आबकारी मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी पर पूर्ण अंकुश लगाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन अधिकारियों का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाएगा, उनके विरुद्ध भविष्य में और भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
मंत्री का बयान: “राजस्व वसूली सरकार की प्राथमिकता है। जो अधिकारी आवंटित लक्ष्यों को पूरा करने में अक्षम साबित होंगे, उनकी जवाबदेही तय की जाएगी।”
