अयोध्या: राम मंदिर परकोटे के शिखर पर CM योगी फहराएंगे धर्म ध्वजा, 29 अप्रैल को होगा भव्य आयोजन
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अयोध्या: राम मंदिर परकोटे के शिखर पर CM योगी फहराएंगे धर्म ध्वजा, 29 अप्रैल को होगा भव्य आयोजन
अयोध्या। श्री रामलला के भव्य मंदिर निर्माण के साथ-साथ अब रामजन्मभूमि परिसर के अन्य पूरक मंदिरों की पूर्णता का उत्सव शुरू हो गया है। आगामी 29 अप्रैल को रामजन्मभूमि परिसर के परकोटे के ईशान कोण (उत्तर-पूर्वी) पर नवनिर्मित भगवान शिव के मंदिर पर धर्म ध्वजा का आरोहण किया जाएगा। इस ऐतिहासिक पल के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ होंगे।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने निर्णय लिया है कि शिव मंदिर के शिखर पर मुख्यमंत्री अपने कर-कमलों से ध्वजारोहण करेंगे। इस दौरान उनके साथ देश भर के 1000 से अधिक विशिष्ट अतिथि, साधु-संत और प्रबुद्ध जन साक्षी बनेंगे।
परकोटे के मंदिरों में दर्शन का सिलसिला शुरू
राम मंदिर परिसर के चारों ओर आठ एकड़ में फैले 732 मीटर लंबे परकोटे में कुल छह पूरक मंदिर निर्मित किए गए हैं। ट्रस्ट ने इनमें से चार मंदिरों— माँ अन्नपूर्णा, भगवान सूर्य, संकटमोचन हनुमान और प्रथम पूज्य गणेश के शिखरों पर अलग-अलग तिथियों में ध्वजारोहण की प्रक्रिया संपन्न कर ली है। गत 13 अप्रैल से इन सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए दर्शन भी आरंभ कर दिए गए हैं।
अब परकोटे के शिव मंदिर और माँ दुर्गा मंदिर के साथ-साथ परिसर के बाहर निर्माणाधीन शेषावतार मंदिर में ध्वजारोहण शेष है। इसी कड़ी में 29 अप्रैल को शिव मंदिर पर धर्म ध्वजा फहराने के साथ एक बड़ा अनुष्ठान आयोजित किया जा रहा है।
शाम 5 बजे होगा भव्य आयोजन, संबोधन पर टिकी निगाहें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कार्यक्रम परकोटे के बाहर रंगमहल बैरियर (गेट नंबर-2) के सम्मुख और यज्ञशाला के समीप आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार:समय: शाम 5:00 बजे।विधि-विधान: मुख्यमंत्री सबसे पहले वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन-अर्चन और हवन करेंगे।संबोधन: ध्वजारोहण के पश्चात मुख्यमंत्री वहां उपस्थित रामभक्तों और विशिष्ट अतिथियों को संबोधित भी करेंगे। माना जा रहा है कि इस संबोधन के माध्यम से वे प्रदेश और देश को सांस्कृतिक एकता का बड़ा संदेश देंगे।
फूलों और खुशबुओं से महकेगी अयोध्या, सुरक्षा चाक-चौबंद
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर अयोध्या प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंदिर परिसर को विशेष रूप से विदेशी और स्वदेशी सुगंधित फूलों से सजाया जा रहा है। जिलाधिकारी अयोध्या के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था और अतिथियों के प्रोटोकॉल के लिए एक विस्तृत ‘ब्लूप्रिंट’ तैयार किया गया है। 1000 अतिथियों की सूची में देशभर के प्रमुख मठों के संत, विद्वान और गणमान्य हस्तियां शामिल हैं।
हाल के दिनों में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन के बाद, यह आयोजन अयोध्या की भव्यता में एक और नया अध्याय जोड़ेगा। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए यातायात और दर्शन व्यवस्था को भी अपडेट किया गया है।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का प्रतीक ‘परकोटा’
अयोध्या का यह परकोटा न केवल राम मंदिर की सुरक्षा दीवार है, बल्कि यह सनातन धर्म के प्रमुख देवों के सामंजस्य का प्रतीक भी है। शिव मंदिर पर ध्वजारोहण के साथ ही राम-शिव के एकाकार होने का भाव अयोध्या की धरती से पूरे विश्व में जाएगा।
29 अप्रैल का दिन अयोध्या के इतिहास में एक और स्वर्णिम दिन के रूप में दर्ज होने जा रहा है, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धर्म ध्वजा फहराकर रामराज्य की संकल्पना को पुनः आध्यात्मिक बल प्रदान करेंगे।
