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बदरीनाथ धाम में बीकेटीसी की ‘एडवांस टीम’ ने संभाला मोर्चा; चारधाम यात्रा 2026 के लिए तैयारियों ने पकड़ा जोर

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बदरीनाथ धाम में बीकेटीसी की ‘एडवांस टीम’ ने संभाला मोर्चा; चारधाम यात्रा 2026 के लिए तैयारियों ने पकड़ा जोर

गोपेश्वर/चमोली। विश्व प्रसिद्ध भगवान बदरीविशाल की यात्रा को सुगम और भव्य बनाने के लिए श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। धाम के कपाट खुलने की तिथि करीब आते ही मंदिर समिति की 23 सदस्यीय ‘एडवांस टीम’ ने बदरीनाथ धाम पहुंचकर व्यवस्थाओं का मोर्चा संभाल लिया है।

अतिथि गृहों का कायाकल्प और रंग-रोगन शुरू

​बीकेटीसी के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने जानकारी देते हुए बताया कि एडवांस टीम बदरीनाथ धाम पहुंच चुकी है और उन्होंने गेस्ट हाउसों के रखरखाव का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। भारी बर्फबारी और शीतकाल के बाद भवनों को होने वाली क्षति को ठीक किया जा रहा है।​सौंदर्यीकरण: मंदिर परिसर और अतिथि गृहों में रंग-रोगन का कार्य प्रारंभ हो गया है।​सुविधाएं: तीर्थयात्रियों के ठहरने के लिए बीकेटीसी के गेस्ट हाउसों को सुसज्जित किया जा रहा है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।​व्यवस्था: मंदिर परिसर को व्यवस्थित करने के साथ-साथ अधीनस्थ मंदिरों की सफाई और सजावट की योजना पर भी काम चल रहा है।

कब शुरू होगी यात्रा और श्रद्धालुओं का अनुमान?

​यद्यपि कपाट खुलने की सटीक तिथि पंचांग गणना के अनुसार घोषित की जाती है, लेकिन प्रशासन और मंदिर समिति मई माह के प्रथम पखवाड़े से यात्रा के विधिवत संचालन की तैयारी कर रही है।​रिकॉर्ड भीड़ की संभावना: पिछले वर्षों के आंकड़ों को देखते हुए, इस साल श्रद्धालुओं की संख्या में भारी उछाल आने की उम्मीद है। अनुमान है कि इस बार यात्रा सीजन में 20 लाख से अधिक श्रद्धालु केवल बदरीनाथ धाम के दर्शन कर सकते हैं।अतिथि देवो भव: उपाध्यक्ष सती ने स्पष्ट किया कि मंदिर समिति का मूल मंत्र ‘अतिथि देवो भव’ है, और इसी परंपरा के निर्वाह के लिए दूसरी टीम भी जल्द ही धाम रवाना की जाएगी।

क्या है मंदिर समिति का ‘मास्टर प्लान’?

​बढ़ती भीड़ को देखते हुए बीकेटीसी ने इस बार बहुआयामी योजना तैयार की है:​डिजिटल टोकन और कतार प्रबंधन: दर्शन के लिए लंबी लाइनों से बचने हेतु कतार प्रबंधन को और अधिक वैज्ञानिक बनाया जा रहा है।​केदारनाथ-बदरीनाथ समन्वय: केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं के लिए भी पृथक टीमें गठित की गई हैं ताकि दोनों धामों में यात्रियों को एक समान उच्च स्तरीय सुविधाएं मिल सकें।​अधीनस्थ मंदिर: बदरीनाथ धाम के मुख्य मंदिर के साथ-साथ उससे जुड़े अन्य छोटे मंदिरों और धर्मशालाओं को भी अपग्रेड किया जा रहा है।

तैयारियों के बीच चुनौतियां

​भले ही तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, लेकिन बदरीनाथ मास्टर प्लान के तहत हो रहे निर्माण कार्यों और भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कुछ चुनौतियां भी सामने आ रही हैं:​मौसम का मिजाज: ऊंचाई पर स्थित होने के कारण अचानक होने वाली बर्फबारी और बारिश कार्यों की गति में बाधा डालती है।​आवास क्षमता: श्रद्धालुओं की संख्या जिस तेजी से बढ़ रही है, उसके अनुपात में आवास व्यवस्था को चाक-चौबंद रखना एक बड़ी चुनौती है।यातायात प्रबंधन: जोशीमठ से बदरीनाथ के बीच सड़क मार्ग की स्थिति पर भी मंदिर समिति लगातार जिला प्रशासन के संपर्क में है।

दूसरी टीम की जल्द होगी रवानगी

​उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती के अनुसार, पहली टीम ने आधारभूत ढांचा तैयार कर लिया है। अगले कुछ दिनों में विशेषज्ञों और अधिकारियों की दूसरी टीम धाम पहुंचेगी, जो सीधे तौर पर पूजा विधान और मंदिर के आंतरिक प्रबंधन को संभालेगी।

चमोली से सोहन सिंह की रिपोर्ट

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