Badrinath Opening: भक्ति के सैलाब के बीच खुले बद्री विशाल के कपाट, CM धामी भी रहे मौजूद
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Badrinath Opening: भक्ति के सैलाब के बीच खुले बद्री विशाल के कपाट, CM धामी भी रहे मौजूद
चमोली (उत्तराखंड): आस्था, परंपरा और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आज गुरुवार को प्रातः 6 बजकर 15 मिनट पर भगवान बद्री विशाल के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए गए। कड़ाके की ठंड और बर्फीली हवाओं के बावजूद देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं का हुजूम इस ऐतिहासिक पल का गवाह बना। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं मौजूद रहे और अखंड ज्योति के दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।
भक्ति और संगीत का अनूठा संगम
कपाट खुलने के दौरान पूरा बद्रीनाथ धाम ‘जय बद्री विशाल’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए। वातावरण में बिखरे भजन और भक्ति संगीत ने श्रद्धालुओं के उत्साह को दोगुना कर दिया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे दर्शन की प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हुई।
Master Plan की ग्राउंड जीरो पर समीक्षा
कपाट खुलने के पश्चात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीआरओ गेस्ट हाउस में बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान के तहत चल रहे विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। पीडब्ल्यूडी (पीआईयू) के अधिशासी अभियंता योगेश मनराल ने पीपीटी (PPT) प्रस्तुतीकरण के माध्यम से निर्माण कार्यों की वर्तमान प्रगति और आगामी कार्ययोजना का विवरण प्रस्तुत किया।
PM मोदी के विजन पर जोर
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि धाम का विकास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निम्नलिखित कड़े निर्देश दिए:Time-Bound कार्य: सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए।Zero Tolerance on Quality: निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।पारदर्शिता: कार्यों के क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता सुनिश्चित हो।श्रद्धालु सुविधा: यात्रियों की सुरक्षा, सुलभ आवागमन, आवास, स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
विरासत और आधुनिकता का संतुलन
मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि धाम को भव्य और अत्याधुनिक बनाने के साथ-साथ यहाँ के पारंपरिक स्वरूप, धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य को अक्षुण्ण रखा जाए। उन्होंने विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और किसी भी बाधा की स्थिति में त्वरित समाधान निकालने का निर्देश दिया।
राज्य सरकार का लक्ष्य बद्रीनाथ धाम को एक विश्वस्तरीय आदर्श तीर्थस्थल के रूप में स्थापित करना है, जहां विकास और विरासत का अद्भुत संतुलन देखने को मिले।
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चमोली से हमारे संवाददाता सोहन सिंह की रिपोर्ट।
