नंदा देवी राजजात की तैयारी: जिलाधिकारी गौरव कुमार का कड़ा रुख, ₹178 करोड़ की योजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश
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नंदा देवी राजजात की तैयारी: जिलाधिकारी गौरव कुमार का कड़ा रुख, ₹178 करोड़ की योजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश
गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर ‘श्री नंदा देवी राजजात’ की पूर्व तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। शनिवार को जिला सभागार गोपेश्वर में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी गौरव कुमार ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन से स्वीकृत सभी योजनाओं को गुणवत्ता के साथ समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
₹17849.65 लाख की योजनाओं को मिली प्रशासनिक स्वीकृति
बैठक में पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ ने महत्वपूर्ण डेटा साझा करते हुए बताया कि श्री नंदा देवी राजजात के सफल आयोजन के लिए अब तक 60 प्रमुख योजनाओं के लिए ₹17849.65 लाख की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।ये योजनाएं लोक निर्माण विभाग (PWD), PMGSY, जल संस्थान, पेयजल, ग्रामीण निर्माण, सिंचाई और गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के माध्यम से संचालित की जा रही हैं।अवशेष योजनाओं के लिए भी जल्द ही बजट मिलने की संभावना है।
एसेट मैपिंग और बुनियादी सुविधाओं पर जोर
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने आयोजन की भव्यता और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ‘एसेट मैपिंग’ (Asset Mapping) के निर्देश दिए हैं। इसके तहत:पड़ाव और मार्ग: राजजात के पूरे मार्ग और पड़ावों का डिजिटल और भौतिक खाका तैयार किया जाएगा।बुनियादी ढांचा: बिजली, पानी, स्वास्थ्य शिविर, सड़क मरम्मत और पैदल रास्तों के सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।पार्किंग व्यवस्था: चमोली के दुर्गम क्षेत्रों में यात्रियों के वाहनों के लिए उचित पार्किंग स्थलों को चिन्हित कर विकसित किया जाएगा।
सरकारी योजनाओं का लाभ: ‘पात्र व्यक्ति तक पहुँचे सरकारी मदद’
समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने केवल राजजात ही नहीं, बल्कि सरकार की अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं के संचालन पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा ‘जनता की सरकार, जनता के द्वार’ की है।अधिकारियों को सख्त निर्देश: सभी विभागीय अधिकारी पूरी ईमानदारी और शिद्दत के साथ काम करें ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके।भ्रष्टाचार पर लगाम: कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है।
महिलाओं और आम जनमानस तक पहुँचने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार चलाए गए कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सशक्त बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में जाकर जनता की समस्याओं को सुनने और उनका त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए। राजजात क्षेत्र के विकास से न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय आर्थिकी को भी मजबूती मिलेगी।
चुनौतियां और आगामी कदम
चमोली की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए निर्माण कार्यों में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए जिलाधिकारी ने विभागों को आपसी समन्वय (Inter-departmental Coordination) बनाने को कहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्वीकृत योजनाओं में देरी हुई, तो संबंधित विभाग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
चमोली से संवाददाता सोहन सिंह की रिपोर्ट
