Yogi Govt’s Human Face: विवेकाधीन कोष से जरूरतमंदों को मिली ₹860 Crore की संजीवनी; सेवा का बना नया कीर्तिमान
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Yogi Govt’s Human Face: विवेकाधीन कोष से जरूरतमंदों को मिली ₹860 Crore की संजीवनी; सेवा का बना नया कीर्तिमान
Big Relief: UP CM योगी ने पेश की मिसाल, 50,000+ लाभार्थियों तक पहुँची सीधी मदद; No Discrimination, Only Seva
लखनऊ | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को धरातल पर उतारते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश की विशाल आबादी और उनकी जरूरतों को देखते हुए, मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष (CM Discretionary Fund) से अब तक लगभग ₹860 करोड़ की आर्थिक सहायता वितरित की जा चुकी है।
यह कदम न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सुशासन (Good Governance) का एक बड़ा उदाहरण बनकर उभरा है।
Massive Financial Aid: वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 50,000 से अधिक लोगों को गंभीर बीमारियों और आपात स्थितियों में मदद मिली।Zero Discrimination Policy: सहायता राशि देने में किसी भी दल, धर्म या जाति का भेदभाव नहीं किया गया। विपक्षी विधायकों के प्रस्तावों पर भी समान संवेदनशीलता दिखाई गई।No Quota System: योगी सरकार ने पुरानी ‘कोटा व्यवस्था’ को खत्म कर ‘जरूरत आधारित’ (Need-based) सहायता को प्राथमिकता दी।Quick Approval Process: मरीजों को समय पर इलाज मिल सके, इसके लिए स्वीकृति प्रक्रिया को Fast-track मोड पर रखा गया है।
How it Works? (क्या है विवेकाधीन कोष की शक्ति)
मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष (CM Discretionary Fund) एक विशेष व्यवस्था है जो कैंसर, हार्ट सर्जरी और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों के लिए ‘Life-saving Fund’ का काम करती है। जहाँ नियमित योजनाएं (जैसे आयुष्मान भारत) की सीमा समाप्त हो जाती है, वहाँ योगी सरकार का यह कोष ढाल बनकर खड़ा होता है।”मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निर्देश स्पष्ट है— प्रदेश का कोई भी नागरिक धन के अभाव में उचित इलाज से वंचित नहीं रहना चाहिए।”
Global Perspective: विकास के साथ मानवीय दृष्टिकोण
आज जब दुनिया भर में ‘Welfare State’ की चर्चा होती है, तो उत्तर प्रदेश का यह मॉडल सुर्खियाँ बटोर रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे “Responsive Leadership” का उदाहरण माना जा रहा है, जहाँ सरकार और जनता के बीच की दूरी को तकनीक और संवेदनशीलता से कम किया गया है।
