मुख्यमंत्री धामी का कड़ा रुख: ‘विकास कार्यों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं, तय होगी अधिकारियों की जिम्मेदारी’
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मुख्यमंत्री धामी का कड़ा रुख: ‘विकास कार्यों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं, तय होगी अधिकारियों की जिम्मेदारी’
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में पांच महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों—थराली, कर्णप्रयाग, केदारनाथ, रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग—की सीएम घोषणाओं की गहन समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जन समस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में सीएम ने विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराना सरकार का संकल्प है। उन्होंने अधिकारियों को हेली एंबुलेंस की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने और स्वास्थ्य केंद्रों के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान देने को कहा। सीएम ने निर्देश दिए कि विधायकगणों द्वारा अपने क्षेत्र की जिन समस्याओं को उठाया जा रहा है, अधिकारी उन्हें गंभीरता से लें और प्राथमिकता के आधार पर समाधान निकालें।
‘अनावश्यक देरी पर तय होगी जवाबदेही’
विकास कार्यों में हो रहे विलंब पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन योजनाओं का निस्तारण शीघ्र हो सकता है, उन्हें फाइल में अटकाकर न रखा जाए। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि:कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।यदि कोई विभाग दूसरे विभाग को प्रस्ताव भेजने में देरी करता है, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।वन विभाग के स्तर पर लंबित प्रकरणों की अलग से समीक्षा की जाए ताकि विकास कार्य न रुकें।
चारधाम यात्रा और मानसून की चुनौतियां
आगामी चारधाम यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को युद्ध स्तर पर तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा शुरू होने से पहले सड़कों की स्थिति, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं को चाक-चौबंद कर लिया जाए। साथ ही, होटल एसोसिएशन के साथ बैठक कर वाणिज्यिक सिलेंडरों से जुड़ी उनकी समस्याओं के समाधान के भी निर्देश दिए।
मानसून को लेकर सीएम ने भविष्य की चुनौतियों के प्रति आगाह किया। उन्होंने मुख्य सचिव को मानसून से पूर्व एक व्यापक समीक्षा बैठक करने और बाढ़ नियंत्रण से संबंधित कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया ताकि वर्षाकाल में जान-माल का नुकसान न हो।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का समन्वय
बैठक में उपस्थित थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, रुद्रप्रयाग विधायक भरत चौधरी और देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी ने अपने-अपने क्षेत्रों की प्रमुख विकास योजनाओं की स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने विभागीय सचिवों को निर्देश दिए कि वे विधायकों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें।
बैठक में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, नितेश झा, दिलीप जावलकर, सचिन कुर्वे सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे। संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों ने भी वर्चुअल माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया।सख्त निर्देश: फाइलों को अटकाने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई।प्राथमिकता: स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में सुधार सबसे ऊपर।चारधाम यात्रा: यात्रियों की सुविधा के लिए समय पर पूरी हों सभी तैयारियां।समीक्षा: थराली, कर्णप्रयाग, केदारनाथ, रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग की घोषणाओं पर चर्चा।
