Samrat Choudhary will take Oath as Bihar CM: सम्राट चौधरी होंगे बिहार के सीएम, पहली बार बीजेपी बिहार में दे रही मुख्यमंत्री
1 min read


Samrat Choudhary will take Oath as Bihar CM: सम्राट चौधरी होंगे बिहार के सीएम, पहली बार बीजेपी बिहार में दे रही मुख्यमंत्री
बिहार पटना ब्यूरो रिपर्ट बिहार की राजनीति में आज एक युगांतरकारी बदलाव आया है। नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद बिहार में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) का मुख्यमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में Samrat Choudhary को सर्वसम्मति से नेता चुन लिया गया है, जिसके बाद अब वह बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभालेंगे।

बिहार के राजनीतिक इतिहास में बुधवार का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। भाजपा के कद्दावर नेता और पिछड़ा वर्ग का बड़ा चेहरा माने जाने वाले Samrat Choudhary कल सुबह 10:30 बजे राजभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। केंद्रीय मंत्री और ऑब्जर्वर Shivraj Singh Chouhan ने इस निर्णय की औपचारिक घोषणा करते हुए बताया कि विजय कुमार सिन्हा ने सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे पूरे विधानमंडल ने एकमत से स्वीकार किया।
End of the Coalition Era and Rise of BJP भाजपा ने एक नए युग की शरुआत
दशकों तक बिहार की सत्ता लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार के इर्द-गिर्द घूमती रही। भाजपा हमेशा एक ‘Junior Partner’ की भूमिका में रही, लेकिन अब समीकरण पूरी तरह बदल चुके हैं। नीतीश कुमार के इस्तीफे और उनके दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होने की संभावनाओं के बीच, भाजपा ने राज्य की कमान अपने हाथ में लेने का फैसला किया है।
केंद्रीय मंत्री Giriraj Singh ने इस अवसर पर कहा, “मैं नीतीश कुमार जी को बधाई देता हूँ जिन्होंने दिल्ली जाने का मन बनाया और सम्राट चौधरी को अपना आशीर्वाद दिया।” यह बयान स्पष्ट करता है कि बिहार में अब BJP’s Era शुरू हो चुका है।
A Quick Rise: From JDU to the CM Post सियासत में कैसे पलता सम्राट का दिन
सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर बेहद प्रभावशाली रहा है। पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी के बेटे सम्राट ने 1990 में राजनीति में कदम रखा था।Political Background: वह पूर्व में आरजेडी और जेडीयू के महत्वपूर्ण पदों पर रहे।Joining BJP: साल 2017 में उन्होंने भाजपा का दामन थामा और महज 9 साल के भीतर पार्टी के सर्वोच्च पद तक पहुँच गए।Leadership Roles: मार्च 2023 में उन्हें बिहार भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया और नीतीश सरकार के पिछले कार्यकाल में उन्होंने Deputy Chief Minister की जिम्मेदारी बखूबी निभाई।
The Challenges and Expectations चुनौती और उम्मीदें
सम्राट चौधरी के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती एक स्थिर और विकासोन्मुख सरकार चलाने की है। कल होने वाले Oath Ceremony में यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके कैबिनेट में किन चेहरों को जगह मिलती है। भाजपा नेता लखेंद्र पासवान ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार के विकास का जो संकल्प लिया था, अब नई एनडीए सरकार उसे और तेजी से पूरा करेगी।
Political Experts का मानना है कि सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाना भाजपा की एक सोची-समझी रणनीति है, ताकि 2025 के विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में अपनी स्वतंत्र पहचान और आधार को मजबूत किया जा सके।
कल सुबह 10:30 बजे जब सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, तो वह न केवल एक व्यक्ति के रूप में बल्कि बिहार में भाजपा की पहली पूर्ण सरकार के ‘Commander’ के रूप में उभरेंगे। बिहार की जनता अब New Leadership और नई नीतियों की उम्मीद कर रही है। यह देखना अहम होगा कि ‘सम्राट’ बिहार के विकास के वास्तविक सम्राट बन पाते हैं या नहीं।
