South Asia 24×7 का मतलब पक्की खबर, देश और जहान की ताजातरीन खबरें,पत्रकारिता की नई आधारशिला, निष्पक्षता और पारदर्शिता अब, South Asia 24×7 पर खबर ग्राउंड जीरो से, मंझे हुए संवाददाताओं के साथ,हर जन मुद्दे पर, सीधा सवाल सरकार से ,सिर्फ South Asia 24 ×7 पर,पत्रकारिता की मजबूती के लिए जुड़िए हमारे साथ, South Asia 24×7 के यूट्यूब चैनल,फेसबुक और ट्विटर पर क्योंकि हम करते है बात मुद्दे की

South Asia24x7

Hindi News, Breaking News in Hindi, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi,South Asia24x7

Today CM oath in Bihar बिहार सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद की लेंगे शपथ: पटना में आज बीजेपी रचेगी इतिहास, नीतीश-लालू युग के बाद पहली बार भगवा मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण

1 min read

Today CM oath in Bihar बिहार सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद की लेंगे शपथ: पटना में आज बीजेपी रचेगी इतिहास, नीतीश-लालू युग के बाद पहली बार भगवा मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण

पटना डेस्क | 15 अप्रैल, 2026

​बिहार के राजनीतिक क्षितिज पर आज एक नया सूरज उगने जा रहा है। दशकों तक गठबंधन की राजनीति के साये में रही भारतीय जनता पार्टी (BJP) आज बिहार में उस मुकाम पर खड़ी है, जिसका सपना उसने जनसंघ के दौर से देखा था। आज सुबह 11:00 बजे पटना के ‘लोक भवन’ में आयोजित एक भव्य Gala Ceremony में सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।

Power Dynamics: बीजेपी का सीएम और जेडीयू के दो डिप्टी सीएम

​यह बदलाव केवल सत्ता का हस्तांतरण नहीं, बल्कि बिहार की Political Chemistry में एक बड़ा बदलाव है। पहली बार बीजेपी अपने दम पर मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने जा रही है। गठबंधन धर्म को निभाते हुए इस बार जेडीयू (JDU) की भूमिका सहयोगी की होगी। तय रणनीति के मुताबिक, जेडीयू के दो कद्दावर नेता— विजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी — उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। यह कदम राज्य के सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को संतुलित करने की एक सोची-समझी Strategy मानी जा रही है।

VVIPs की मौजूदगी और दिल्ली का संदेश

​इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह को यादगार बनाने के लिए दिल्ली से बीजेपी के शीर्ष नेताओं का जमावड़ा पटना में होने जा रहा है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और ‘मामा’ के नाम से मशहूर वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान विशेष विमान से पटना पहुंच रहे हैं। राष्ट्रीय नेताओं की यह मौजूदगी स्पष्ट संकेत देती है कि केंद्रीय नेतृत्व अब बिहार को सीधे अपनी निगरानी में रखने और विकास के ‘Double Engine’ मॉडल को नई गति देने का मन बना चुका है।

सम्राट चौधरी: एक नए युग का चेहरा

​विधानमंडल दल की बैठक में नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को ‘विकसित बिहार’ के बिना पूरा नहीं किया जा सकता। हमारा लक्ष्य बिहार के युवाओं को रोजगार और प्रदेश को उद्योग की मुख्यधारा से जोड़ना है।” राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार के लंबे Era के बाद सम्राट चौधरी के रूप में बीजेपी ने एक प्रखर और आक्रामक नेतृत्व को मौका दिया है।

विपक्ष की खामोशी और तेजस्वी पर नजर

​पटना के लोक भवन के बाहर जहां समर्थकों का हुजूम और ढोल-नगाड़ों की गूंज है, वहीं विपक्षी खेमे में हलचल तेज है। सबसे बड़ा सस्पेंस तेजस्वी यादव की मौजूदगी को लेकर बना हुआ है। हालांकि राजभवन की ओर से सभी गणमान्य नेताओं को औपचारिक निमंत्रण भेजा गया है, लेकिन आरजेडी का रुख अभी ‘वेट एंड वॉच’ (Wait and Watch) वाला है। बीजेपी अब पहली बार राज्य में Front foot पर खेल रही है, जिससे विपक्षी खेमे की भविष्य की रणनीतियां भी प्रभावित होने वाली हैं।

कैबिनेट का स्वरूप: युवा और अनुभव का संगम

​आज केवल मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि कई कैबिनेट मंत्रियों के भी शपथ लेने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, आज की कैबिनेट में बीजेपी और जेडीयू के पुराने दिग्गजों के साथ-साथ कुछ नए और युवा चेहरों को भी जगह दी जा सकती है। लोक भवन में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और मीडिया का जमावड़ा यह बताने के लिए काफी है कि देश की नजरें आज पाटलिपुत्र की धरती पर टिकी हैं।

बिहार की नई दिशा: चुनौतियां और संभावनाएं

​बीजेपी के लिए यह रास्ता कांटों भरा भी हो सकता है। गठबंधन की सरकार में आपसी समन्वय बिठाना और विपक्ष के कड़े प्रहारों का जवाब देना सम्राट चौधरी के लिए पहली चुनौती होगी। इसके अलावा, बिहार की कानून व्यवस्था और आर्थिक स्थिति में सुधार करना उनके Agenda में सबसे ऊपर रहने वाला है।

बिहार अब ‘मंडल बनाम कमंडल’ की पुरानी राजनीति से निकलकर एक नई राह पर चल पड़ा है। आज का दिन बिहार के इतिहास में एक ‘Turning Point’ साबित हो सकता है। क्या बीजेपी का यह प्रयोग बिहार के विकास की गति बदल पाएगा? इसका जवाब आने वाला समय देगा, लेकिन फिलहाल पटना की हवाओं में उत्साह और एक बड़े बदलाव की महक है।

रिपोर्ट: 

राष्ट्रीय डेस्क, पटना

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!