Jammu Kashmir bus accident: उधमपुर में अनियंत्रित होकर खाई में गिरी यात्रियों से भरी बस, मची चीख-पुकार; कई की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन तेज
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Jammu Kashmir bus accident: उधमपुर में अनियंत्रित होकर खाई में गिरी यात्रियों से भरी बस, मची चीख-पुकार; कई की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन तेज
उधमपुर: जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आ रही है। यहाँ यात्रियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। इस भीषण दुर्घटना में कई लोगों के हताहत होने की सूचना है, जबकि दर्जनों यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और युद्धस्तर पर बचाव कार्य चलाया जा रहा है।
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस उधमपुर के दुर्गम पहाड़ी रास्ते से गुजर रही थी। तभी अचानक एक तीखे मोड़ पर चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और बस सीधे गहरी खाई में जा गिरी। चश्मदीदों के मुताबिक, हादसा इतना भयानक था कि बस के परखच्चे उड़ गए और यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर आस-पास के लोग सहम गए।
स्थानीय लोगों ने पेश की इंसानियत की मिसाल
हादसे के तुरंत बाद सरकारी अमले के पहुंचने से पहले ही स्थानीय निवासी देवदूत बनकर सामने आए। ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ के तौर पर ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर खाई में उतरकर राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने न केवल मलबे में फंसे घायलों को बाहर निकाला, बल्कि अपनी निजी गाड़ियों से भी कुछ घायलों को मुख्य सड़क तक पहुँचाया। बाद में पुलिस और एम्बुलेंस की टीमों के आने पर रेस्क्यू ऑपरेशन को और संगठित रूप दिया गया। प्रशासन ने स्थानीय लोगों की इस तत्परता और साहस की मुक्त कंठ से सराहना की है।
घायलों की स्थिति और चिकित्सा सहायता
हादसे में घायल हुए सभी यात्रियों को तुरंत नजदीकी जिला अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए बड़े चिकित्सा केंद्रों में रेफर करने की तैयारी की जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, कई यात्रियों की स्थिति नाजुक बनी हुई है, जिसके चलते मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अस्पताल परिसर में परिजनों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है।
सरकार ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश
जम्मू-कश्मीर सरकार ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उपराज्यपाल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पीड़ितों को हर संभव चिकित्सा सहायता और आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच दल का गठन किया गया है।
अधिकारी इस पहलू पर भी गौर कर रहे हैं कि क्या यह हादसा किसी तकनीकी खराबी (जैसे ब्रेक फेल होना) के कारण हुआ या इसके पीछे मानवीय चूक या ओवरलोडिंग जैसी कोई वजह रही है। साथ ही, सड़क की स्थिति और सुरक्षा मानकों की भी जांच की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
प्रशासनिक मुस्तैदी और आगामी कदम
वर्तमान में मौके पर पुलिस बल के साथ-साथ जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन में किसी भी तरह की बाधा न आए, इसके लिए यातायात को भी नियंत्रित किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता सभी घायलों को उचित उपचार दिलाना और मृतकों की शिनाख्त कर उनके परिजनों तक सूचना पहुँचाना है।
यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की नियमित जांच पर बड़े सवाल खड़े करता है। फिलहाल, पूरा जम्मू-कश्मीर इस हादसे में जान गंवाने वालों के लिए शोक संतप्त है।
ब्यूरो डेस्क, नई दिल्ली/उधमपुर
