Noida International Airport: 15 जून से उड़ान होगी शुरू , नोएडा एयरपोर्ट से शुरू होगा नया हवाई सफर; जानें सब कुछ
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Noida International Airport: 15 जून से उड़ान होगी शुरू , नोएडा एयरपोर्ट से शुरू होगा नया हवाई सफर; जानें सब कुछ
ग्रेटर नोएडा/नोएडा: उत्तर भारत के यात्रियों और दिल्ली-एनसीआर के हवाई यातायात के इतिहास में 15 जून 2026 की तारीख स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने जा रही है। वर्षों का इंतज़ार खत्म होने वाला है; नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से कमर्शियल उड़ानों का आगाज होने जा रहा है। सरकार और एयरपोर्ट प्रबंधन द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार, देश की दिग्गज एयरलाइन IndiGo यहाँ से अपनी पहली उड़ान संचालित करेगी।
यह न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के यात्रियों के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाला है।
इंडिगो करेगी शुरुआत, 70 फ्लाइट्स का है प्रस्ताव
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) के अनुसार, शुरुआत में इंडिगो की पहली फ्लाइट रनवे से उड़ान भरेगी। इसके तुरंत बाद अकासा एयर (Akasa Air) और एयर इंडिया एक्सप्रेस भी अपनी सेवाएं शुरू करेंगी।
यीडा (YEIDA) और नायल के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि अब तक करीब 70 फ्लाइट्स के प्रस्ताव मिल चुके हैं। शुरुआती चरण में 17 फ्लाइट्स को हरी झंडी दी जाएगी, जिसके लिए टिकट बुकिंग की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसका सीधा मतलब है कि अब यात्रियों को आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट के दबाव से मुक्ति मिलेगी।
डेढ़ करोड़ यात्रियों को सीधा फायदा, कनेक्टिविटी होगी बेमिसाल
पहले चरण में यह एयरपोर्ट सालाना तकरीबन 1.2 करोड़ से 1.5 करोड़ यात्रियों को सेवा प्रदान करने की क्षमता रखता है। इस एयरपोर्ट का सबसे बड़ा फायदा इसकी भौगोलिक स्थिति है।उत्तर प्रदेश और दिल्ली: नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, आगरा और लखनऊ के लिए यह हब बनेगा।पड़ोसी राज्य: हरियाणा (गुरुग्राम, फरीदाबाद), पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश के यात्रियों के लिए अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानें अब बेहद करीब होंगी।उत्तराखंड: उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों के लिए यहाँ से विशेष कनेक्टिविटी और ट्रांजिट की सुविधा मिलेगी।
आधुनिकता का बेजोड़ नमूना: 40 साल आगे की सोच
जेवर एयरपोर्ट को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यह एयरपोर्ट आने वाले 30 से 40 वर्षों तक की बढ़ती मांग को संभालने में सक्षम है।रनवे और इंफ्रास्ट्रक्चर: प्रथम चरण 1334 हेक्टेयर में फैला है, जिसमें 3900 मीटर लंबा रनवे और विश्वस्तरीय एटीसी (ATC) शामिल है।सुविधाएं: यहाँ कमर्शियल और नॉन-कमर्शियल सुविधाओं का एक एकीकृत मॉडल तैयार किया गया है, जो यात्रियों को ‘स्मार्ट ट्रेवल’ का अनुभव देगा।
UP सरकार के खजाने में होगी ‘धनवर्षा’
यह इंटरनेशनल एयरपोर्ट न केवल सुविधा देगा, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार के लिए आय का एक विशाल स्रोत भी बनेगा। अनुमान है कि नायल को प्रति यात्री लगभग 496 रुपये की आय होगी। जानकारों और सरकारी आंकड़ों की मानें तो अगले 30 वर्षों में इस एयरपोर्ट से कुल कमाई 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचने की उम्मीद है। वर्ष 2060-61 तक यह देश के सबसे बड़े आर्थिक केंद्रों में से एक होगा।
प्रधानमंत्री ने किया था शुभारंभ, अब उड़ानों की बारी
बता दें कि 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस भव्य एयरपोर्ट का लोकार्पण किया था। फिलहाल यहाँ कार्गो टर्मिनल और घरेलू टर्मिनल पूरी तरह तैयार हैं। एयरपोर्ट के चालू होने से जेवर और यमुना सिटी के आसपास के इलाकों में जमीन की मांग और निवेश में अप्रत्याशित उछाल देखा गया है।
सीईओ आरके सिंह के मुताबिक, “विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस यह एयरपोर्ट न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के विमानन क्षेत्र की सूरत बदल देगा। हमने हर संभव प्रयास किए हैं कि 15 जून से यात्रियों को एक निर्बाध अनुभव मिले।”
अब बस चंद दिनों का इंतज़ार है, जब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे से विमान बादलों को चीरते हुए विकास की नई कहानी लिखेंगे।उद्घाटन: 15 जून 2026 से कमर्शियल उड़ानें।पहली एयरलाइन: इंडिगो (IndiGo)।क्षमता: पहले चरण में 1.2 से 1.5 करोड़ यात्री।प्रमुख रूट: दिल्ली, आगरा, लखनऊ, चंडीगढ़, देहरादून और अंतरराष्ट्रीय गंतव्य।आय: अगले 30 साल में 1 लाख करोड़ रुपये की कमाई का लक्ष्य।
