देवभूमि रजत उत्सव के जरिए भावी पीढ़ी को राज्य आंदोलन के इतिहास से जोड़ेगी सरकार- वंशीधर तिवारी
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उत्तरकाशी: देवभूमि रजत उत्सव के जरिए भावी पीढ़ी को राज्य आंदोलन के इतिहास से जोड़ेगी सरकार- वंशीधर तिवारी
ब्यूरो रिपोर्ट
उत्तरकाशी, 23 दिसंबर: अपर सचिव मुख्यमंत्री एवं महानिदेशक (डीजी) सूचना वंशीधर तिवारी ने सोमवार देर शाम जीएमवीएन में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान ‘देवभूमि रजत उत्सव’ की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को उत्तराखंड की सभ्यता, संस्कृति और राज्य आंदोलन के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराना है।
रजत उत्सव: संस्कृति और शिक्षा का संगम
डीजी सूचना ने कहा कि स्कूलों में निबंध लेखन, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को राज्य आंदोलन की पृष्ठभूमि और शहीदों के बलिदान के बारे में जागरूक किया जा रहा है। साथ ही, इन कार्यक्रमों के जरिए स्थानीय बोलियों, लोकगीतों और लोकनृत्यों के संरक्षण का प्रयास भी किया जा रहा है।
पत्रकार हितों के लिए बड़े निर्णय:
प्रेस वार्ता के दौरान महानिदेशक ने पत्रकारों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
- सोशल मीडिया नियमावली: उत्तर प्रदेश और राजस्थान की तर्ज पर उत्तराखंड में भी जल्द सोशल मीडिया नियमावली लागू होगी, जिससे कंटेंट क्रिएटर्स और डिजिटल पत्रकारों के अधिकारों का संरक्षण होगा।
- तहसील स्तर पर मान्यता: पत्रकारों की सुविधा के लिए अब तहसील स्तर पर भी प्रेस मान्यता देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के पत्रकारों को लाभ मिलेगा।
- सुरक्षा और सम्मान: सरकार की मंशा पत्रकारों को सुरक्षित और निष्पक्ष वातावरण प्रदान करने की है।
मीडिया की भूमिका अहम
श्री तिवारी ने कहा कि राज्य की विकास यात्रा और सरकार की जनोपयोगी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रेस वार्ता में जिला सूचना अधिकारी कर्मवीर शर्मा सहित जनपद के प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
