उत्तराखंड में शहरी विकास को नई धार: ‘विकसित भारत-2047’ के विज़न के लिए हडको और राज्य सरकार ने मिलाया हाथ
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उत्तराखंड में शहरी विकास को नई धार: ‘विकसित भारत-2047’ के विज़न के लिए हडको और राज्य सरकार ने मिलाया हाथ
देहरादून | 29 जनवरी 2026 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत–2047’ के संकल्प को उत्तराखंड की जमीन पर उतारने के लिए राज्य सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य को आधुनिक और समावेशी बनाने की दिशा में अब हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HUDCO) एक मजबूत साझेदार की भूमिका निभाएगा।
सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य की भावी आवासीय रणनीतियों और शहरी विस्तार पर गहन मंथन किया गया।
2050 तक की जरूरतों का खाका तैयार
बैठक में निर्णय लिया गया कि उत्तराखंड केवल वर्तमान नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होगा। 2047 के विकसित भारत लक्ष्य और साल 2050 तक की आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक समग्र कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच संतुलन बनाने और नए नगरों (New Townships) की परिकल्पना पर विशेष जोर दिया गया है।
प्रमुख बिंदु: सस्ते आवास और स्थानीय तकनीक
- EWS और LIG पर फोकस: आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के लिए सस्ते, सुरक्षित और टिकाऊ आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होगी।
- पहाड़ी जिलों के लिए खास प्लान: उत्तराखंड के 10 पर्वतीय जिलों में स्थानीय भवन तकनीक और पारंपरिक सामग्री का उपयोग किया जाएगा। इससे न केवल निर्माण लागत कम होगी, बल्कि सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी होगा।
- रेंटल हाउसिंग: कामकाजी वर्ग और प्रवासियों के लिए ‘रेंटल हाउसिंग योजना’ को गति दी जाएगी ताकि अनियोजित बसावट को रोका जा सके।
हडको का ₹1543 करोड़ का वित्तीय सहयोग
हडको के क्षेत्रीय प्रमुख एवं राज्य प्रभारी संजय भार्गव ने बैठक में जानकारी दी कि हडको अब तक उत्तराखंड में 1543.34 करोड़ रुपये की 115 योजनाओं को मंजूरी दे चुका है। उन्होंने आश्वस्त किया कि नए शहरों के विकास, भूमि अधिग्रहण और मास्टर प्लानिंग में हडको अपनी राष्ट्रीय विशेषज्ञता का पूरा लाभ उत्तराखंड को देगा।
पलायन रोकने में मिलेगी मदद
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि विकास को केवल बड़े शहरों तक सीमित न रखकर ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों तक ले जाया जाए। सुनियोजित विकास से न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन होगा, बल्कि राज्य की सबसे बड़ी समस्या ‘पलायन’ पर भी लगाम लगेगी।
“हमारा लक्ष्य ईडब्ल्यूएस और एलआईजी वर्ग को सम्मानजनक जीवन देना है। हडको के साथ मिलकर हम सुनियोजित विकास के जरिए उत्तराखंड को आधुनिक और टिकाऊ बनाएंगे।”
— डॉ. आर. राजेश कुमार, सचिव आवास
