उत्तरकाशी: धराली और भटवाड़ी के अस्तित्व को बचाने की कवायद, आपदा प्रबंधन सचिव और जिलाधिकारी ने दिया ठोस आश्वासन
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उत्तरकाशी: धराली और भटवाड़ी के अस्तित्व को बचाने की कवायद, आपदा प्रबंधन सचिव और जिलाधिकारी ने दिया ठोस आश्वासन
देहरादून/उत्तरकाशी। जनपद उत्तरकाशी में बीते दिनों आई भीषण दैवीय आपदा के बाद प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास और सुरक्षा को लेकर प्रयासों में तेजी आ गई है। इसी क्रम में आज आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव से एक महत्वपूर्ण मुलाकात कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों की गंभीर स्थिति से उन्हें अवगत कराया गया। विशेष रूप से ‘स्विट्जरलैंड’ कहे जाने वाले खूबसूरत गांव धराली और भटवाड़ी बाजार को आगामी मानसून से पहले सुरक्षित करने की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई।
धराली का अस्तित्व संकट में, बचाव की गुहार
मुलाकात के दौरान सचिव महोदय को अवगत कराया गया कि धराली में आई भीषण बाढ़ ने इस खूबसूरत गांव और बाजार के अस्तित्व को मिटाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है, जो अत्यंत दुखद है। इस त्रासदी के कारण उफनते नदी-नालों ने हर्षिल, झाला, चढ़ेती और भटवाड़ी की बस्तियों और बाजारों को भारी नुकसान पहुँचाया है। अत्यधिक बहाव के कारण भूमि का कटाव लगातार जारी है, जिससे पूरी आबादी पर खतरा मंडरा रहा है।
मानसून से पहले ‘चैनललाइजेशन’ का सुझाव
बैठक में यह महत्वपूर्ण सुझाव दिया गया कि बड़े सुरक्षा प्रोजेक्ट्स (Permanent Treatment) को पूरा होने में समय लग सकता है, लेकिन आगामी वर्षाकाल (मानसून) सिर पर है। ऐसे में:
- नदी के बहाव को तत्काल ‘चैनललाइज’ (मार्ग परिवर्तन) किया जाए।
- कटाव रोकने के लिए जाले और आरसीसी (RCC) ब्लॉक्स डाले जाएं ताकि तात्कालिक राहत मिल सके।
सचिव और जिलाधिकारी की त्वरित कार्रवाई
आपदा प्रबंधन सचिव ने इन सुझावों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उत्तरकाशी के जिलाधिकारी श्री प्रशांत आर्य से वार्ता की। सचिव महोदय ने स्पष्ट किया कि स्थाई उपचार में लगने वाले समय को देखते हुए, तात्कालिक समाधान के लिए ये सुझाव अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने भी इस मामले में अपनी संवेदनशीलता व्यक्त करते हुए प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि चढ़ेती और भटवाड़ी बाजार की बस्तियों को वर्षात शुरू होने से पहले सुरक्षित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
अधिकारियों का जताया आभार
जनता की ओर से आपदा प्रबंधन सचिव और उत्तरकाशी के ऊर्जावान जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया गया है। आपदा की इस घड़ी में अधिकारी रात-दिन प्रभावितों के साथ खड़े होकर कार्य कर रहे हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में सुरक्षा की उम्मीद जगी है।
