उत्तराखंड: ‘संस्कृतमय’ होगा नूरपुर पंजानहेड़ी, सचिव दीपक कुमार ने आदर्श संस्कृत ग्राम का किया निरीक्षण
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उत्तराखंड: ‘संस्कृतमय’ होगा नूरपुर पंजानहेड़ी, सचिव दीपक कुमार ने आदर्श संस्कृत ग्राम का किया निरीक्षण
हरिद्वार | 21 फरवरी, 2026
उत्तराखंड सरकार की ‘संस्कृत ग्राम’ योजना को धरातल पर उतारने के लिए शासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में शनिवार को संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार ने हरिद्वार के बहादराबाद ब्लॉक स्थित आदर्श संस्कृत ग्राम नूरपुर पंजानहेड़ी का स्थलीय निरीक्षण किया और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।
दैनिक जीवन में संस्कृत उतारने पर जोर
निरीक्षण के दौरान सचिव दीपक कुमार ने ग्रामवासियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि संस्कृत केवल शास्त्रों की भाषा नहीं, बल्कि इसे दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की जरूरत है। उन्होंने ‘श्रवण संस्कार’ पर जोर देते हुए कहा कि जिस प्रकार बच्चे परिवार में सुन-सुनकर मातृभाषा सीखते हैं, उसी प्रकार निरंतर सुनकर संस्कृत भाषा को आसानी से सीखा जा सकता है।
ग्रामीणों ने संस्कृत में दिया परिचय, सुनाए श्लोक
संवाद के दौरान एक सुखद तस्वीर तब सामने आई जब ग्रामीणों ने उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमाकांत पांडेय के साथ संस्कृत में बातचीत की। ग्रामीणों ने न केवल अपना परिचय संस्कृत में दिया, बल्कि सुभाषित, गीत, मंत्र और श्लोकों का सस्वर पाठ भी किया। ग्रामीणों ने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि वे इस आदर्श गांव के निर्माण के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार हैं।
संस्कारवान वातावरण है आवश्यक: प्रो. मनोज पंत
उत्तराखंड संस्कृत संस्थान के सचिव प्रो. मनोज किशोर पंत ने कहा कि संस्कृत ग्राम का उद्देश्य केवल भाषा सिखाना नहीं, बल्कि एक संस्कारवान वातावरण स्थापित करना भी है।
कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति:
- दिनेश कुमार: कुलसचिव, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय
- किशोरी लाल रतूड़ी: प्रकाशन अधिकारी, उत्तराखंड संस्कृत संस्थान
- डॉ. करुणा गुप्ता: संस्कृत ग्राम प्रशिक्षक
- भारी संख्या में संस्कृत ग्रामवासी
शंकराचार्य से लिया आशीर्वाद, संस्कृत उत्थान पर हुई चर्चा
ग्राम निरीक्षण के पश्चात सचिव दीपक कुमार जगतगुरु आश्रम कनखल पहुंचे। वहां उन्होंने शंकराचार्य जगतगुरु श्री राजराजेश्वराश्रम महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मुलाकात के दौरान उत्तराखंड सरकार द्वारा राज्य में संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए किए जा रहे कार्यों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
