बदरीनाथ मास्टर प्लान: ‘दिव्य और भव्य’ स्वरूप के लिए DM चमोली ने कसी कमर, निर्माण कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश
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बदरीनाथ मास्टर प्लान: ‘दिव्य और भव्य’ स्वरूप के लिए DM चमोली ने कसी कमर, निर्माण कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश
चमोली (बदरीनाथ): बदरीनाथ धाम के कायाकल्प को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। चमोली के जिलाधिकारी (DM) गौरव कुमार ने बदरीनाथ मास्टर प्लान के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि धाम को दिव्य और भव्य स्वरूप देना हमारी प्राथमिकता है और इसमें समयबद्धता व गुणवत्ता (Quality) के साथ कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रमुख बिंदु: बैठक की बड़ी बातें
- मैनपावर बढ़ाने पर जोर: कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए डीएम ने कार्यदायी संस्थाओं को श्रमिकों की संख्या (Man Power) बढ़ाने के निर्देश दिए।
- समय सीमा की पाबंदी: उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि निर्धारित समय के भीतर काम पूरा न होने पर संबंधित कार्यदायी संस्थाएं सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगी।
- व्यावसायिक भवनों का आवंटन: जोशीमठ के एसडीएम चंद्रशेखर वशिष्ठ को निर्देश दिए गए हैं कि मास्टर प्लान के तहत नवनिर्मित व्यावसायिक भवनों के आवंटन की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए।
इन कार्यों की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति जांची:
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- स्वास्थ्य एवं बुनियादी ढांचा: निर्माणाधीन अस्पताल और पार्किंग स्थल।
- सौंदर्यीकरण: झील सौंदर्यीकरण, रिवर फ्रंट विकास और स्ट्रीट लाइट स्थापना।
- धार्मिक व सार्वजनिक स्थल: ब्रह्मकपाल क्षेत्र का विकास और पुल निर्माण।
- व्यावसायिक क्षेत्र: व्यावसायिक भवनों का निर्माण कार्य।
“बदरीनाथ मास्टर प्लान का लक्ष्य धाम की गरिमा के अनुरूप इसे विकसित करना है। प्रभावी निगरानी और उच्च गुणवत्ता के साथ कार्यों को गति दी जाए।” > — गौरव कुमार, जिलाधिकारी चमोली
बैठक में मौजूद रहे आला अधिकारी
समीक्षा बैठक में प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से:
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- सुरजीत सिंह पंवार, पुलिस अधीक्षक
- चंद्रशेखर वशिष्ठ, एसडीएम जोशीमठ
- डॉ. अभिषेक गुप्ता, मुख्य चिकित्साधिकारी
- योगेश, अधिशासी अभियंता (PWD बदरीनाथ)
- अरविंद गौड़, पर्यटन अधिकारी
- इसके अलावा पीआईयू (PIU) के विभिन्न अधिकारी भी उपस्थित थे।
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सोहन सिंह की रिपोर्ट, गोपेश्वर/बद्रीनाथ।
