महाविस्फोट: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत; ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ ने हिला दी दुनिया, तेहरान में तख्तापलट के आसार?
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महाविस्फोट: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत; ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ ने हिला दी दुनिया, तेहरान में तख्तापलट के आसार?
तेहरान/वॉशिंगटन/यरूशलेम | 1 मार्च, 2026
दुनिया की राजनीति में आज वह भूचाल आ गया है जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। ईरान के सबसे शक्तिशाली और सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) की एक भीषण और सटीक हवाई हमले में मौत हो गई है। ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी IRNA और देश के सरकारी टेलीविजन ने भारी मन से इस खबर की आधिकारिक पुष्टि कर दी है।
यह हमला अमेरिका और इजरायल के एक साझा और अत्यंत गुप्त सैन्य ऑपरेशन “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” (Operation Epic Fury) का हिस्सा बताया जा रहा है।
सर्जिकल स्ट्राइक से भी घातक: कैसे हुआ हमला?
सूत्रों के अनुसार, शनिवार (28 फरवरी) की आधी रात को जब तेहरान गहरी नींद में था, तब ‘स्टील्थ’ लड़ाकू विमानों और हाइपरसोनिक मिसाइलों ने खामेनेई के अभेद्य माने जाने वाले ‘बैत-ए-रहबर’ (Bait-e-Rahbar) परिसर को निशाना बनाया।
- सटीक निशाना: इंटेलिजेंस इनपुट्स के अनुसार, खामेनेई उस वक्त अपनी ‘सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल’ के साथ एक इमरजेंसी वॉर-रूम मीटिंग कर रहे थे।
- बंकर-बस्टर मिसाइलें: हमले में उन्नत बंकर-बस्टर मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जिसने जमीन के कई फीट नीचे बने सुरक्षित कक्षों को भी ध्वस्त कर दिया।
- भारी क्षति: इस हमले में खामेनेई के साथ उनकी बेटी, उनके पोते और ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के 5 शीर्ष कमांडर भी मारे गए हैं।
ईरान में 40 दिनों का शोक और मार्शल लॉ जैसी स्थिति
खामेनेई की मौत के बाद ईरान सरकार ने देश में 40 दिनों के राजकीय शोक का ऐलान किया है।
- 7 दिनों का पूर्ण लॉकडाउन: सभी सरकारी संस्थान, बैंक और स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
- इंटरनेट ब्लैकआउट: सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए पूरे देश में ‘किल स्विच’ दबा दिया गया है।
- सेना का कब्जा: तेहरान की सड़कों पर IRGC के टैंक गश्त कर रहे हैं ताकि संभावित आंतरिक विद्रोह या जश्न को कुचला जा सके।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: दुनिया दो गुटों में बंटी
- अमेरिका (डोनाल्ड ट्रम्प): राष्ट्रपति ट्रम्प ने ‘व्हाइट हाउस’ से जारी एक संबोधन में कहा, “अत्याचार का अंत हो गया है। आज दुनिया अधिक सुरक्षित है। हम ईरानी जनता के साथ खड़े हैं जो अपनी आजादी की नई सुबह देख रहे हैं।”
- इजरायल (बेंजामिन नेतन्याहू): इजरायली पीएम ने इसे “इतिहास का सबसे बड़ा न्याय” बताया है।
- रूस और चीन: दोनों देशों ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे “अंतरराष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन” करार दिया है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपात बैठक बुलाई है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर: कच्चा तेल $150 के पार!
इस खबर के आते ही वैश्विक शेयर बाजारों में हाहाकार मच गया है।
- क्रूड ऑयल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें चंद घंटों में 20% तक उछल गई हैं।
- गोल्ड: सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की कीमतों ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
अब आगे क्या? कौन संभालेगा ईरान की कमान?
खामेनेई की मौत ने ईरान में एक बड़ा राजनीतिक शून्य पैदा कर दिया है।
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- उत्तराधिकार का संकट: क्या उनके बेटे मुजतबा खामेनेई सत्ता संभालेंगे या फिर सेना (IRGC) सीधे तौर पर तख्तापलट कर देगी?
- क्षेत्रीय युद्ध का खतरा: लेबनान में हिजबुल्लाह और यमन में हूतियों ने इस हमले का बदला लेने की कसम खाई है, जिससे तीसरे विश्व युद्ध का खतरा मंडराने लगा है।
संपादकीय टिप्पणी: अयातुल्ला खामेनेई का जाना मध्य पूर्व के इतिहास का सबसे बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। यह न केवल ईरान के भीतर लोकतंत्र की मांग को हवा दे सकता है, बल्कि वैश्विक ताकतों के बीच एक बड़े सैन्य टकराव का कारण भी बन सकता है।
