उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में दिवाली तक पहुँचेगी बिजली, UPCL एमडी ने दिए सख्त निर्देश
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उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में दिवाली तक पहुँचेगी बिजली, UPCL एमडी ने दिए सख्त निर्देश
देहरादून | 28 फरवरी, 2026
उत्तराखंड के भारत-चीन सीमा से सटे दुर्गम इलाकों और ITBP की चौकियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘अंतिम छोर तक विकास’ के संकल्प को पूरा करने के लिए UPCL (उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लि०) ने कमर कस ली है। शनिवार को ऊर्जा भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी दीपावली तक सभी चिन्हित सीमांत क्षेत्रों को बिजली से रोशन कर दिया जाएगा।
वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम और ITBP पोस्ट की समीक्षा
प्रबन्ध निदेशक, यूपीसीएल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (VVP) और आईटीबीपी (ITBP) की बार्डर आउट पोस्ट (BoP) के विद्युतीकरण कार्यों की तकनीकी समीक्षा की गई।
योजना की मुख्य झलकियां:
- 3 जिले कवर: पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी के सीमावर्ती क्षेत्रों में काम चल रहा है।
- 43 ITBP चौकियां: भारत-चीन सीमा पर तैनात 43 बार्डर आउट पोस्टों तक ग्रिड आधारित बिजली पहुंचाई जाएगी।
- 882 घरों को लाभ: वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत 8 सीमावर्ती गांवों के 882 घरों को पहली बार ग्रिड की बिजली मिलेगी।
दुर्गम परिस्थितियों में ‘युद्ध स्तर’ पर कार्य
बैठक के दौरान प्रबन्ध निदेशक ने स्पष्ट किया कि सीमांत क्षेत्रों में बिजली पहुंचाना केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने का आधार है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी, प्रतिकूल मौसम और कठिन रास्तों की चुनौतियों के बावजूद काम को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
गुणवत्ता और सुरक्षा के लिए कड़े निर्देश:
- BIS मानक: विद्युत लाइनों और ट्रांसफार्मर में इस्तेमाल होने वाली सभी सामग्री भारतीय मानक ब्यूरो के अनुरूप होनी चाहिए।
- साप्ताहिक रिपोर्ट: कार्यदायी संस्थाओं और क्षेत्रीय अधिकारियों को हर हफ्ते प्रगति रिपोर्ट मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
- सेफ्टी प्रोटोकॉल: पोल फाउंडेशन और अर्थिंग व्यवस्था में तकनीकी डिजाइनों का पूर्ण पालन अनिवार्य किया गया है।
दीवाली पर ‘प्रकाश’ का संकल्प
यूपीसीएल प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर इन परियोजनाओं को पूर्ण करेंगे। बैठक में मुख्यालय के वरिष्ठ अभियन्ता, संबंधित जोन के मुख्य अभियन्ता और ठेकेदार एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
