राम अनुज: पत्रकारिता के ‘ग्राउंड जीरो’ से ‘सिल्क्यारा
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राम अनुज: पत्रकारिता के ‘ग्राउंड जीरो’ से ‘सिल्क्यारा’ की सफलता तक का सफर
राम अनुज पिछले दो दशकों से भारतीय पत्रकारिता जगत में एक प्रखर, निष्पक्ष और विश्वसनीय नाम हैं। वर्तमान में वे उत्तराखंड में ‘राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त पत्रकार’ के रूप में कार्यरत हैं। अपनी साहसिक रिपोर्टिंग और गहरी विश्लेषणात्मक दृष्टि के लिए पहचाने जाने वाले राम अनुज ने पत्रकारिता के माध्यम से हिमालयी अंचलों की समस्याओं और उपलब्धियों को राष्ट्रीय पटल पर रखा है।
व्यक्तिगत जीवन और शिक्षा
राम अनुज का जन्म 13 मई 1977 को तत्कालीन फैजाबाद (अब अयोध्या) में हुआ। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि अत्यंत सुदृढ़ है:
- उन्होंने राजनीति विज्ञान, अंग्रेजी साहित्य और जनसंचार (Mass Comm.) में परास्नातक (Post Graduation) की डिग्री अवध विश्वविद्यालय और हिमालयी विश्वविद्यालय से प्राप्त की है।
- साथ ही, उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से पत्रकारिता एवं जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी किया है।
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डीजीपी दीपम सेठ के साथ राम अनुज पत्रकार
व्यावसायिक अनुभव और उपलब्धियां
राम अनुज का पत्रकारिता करियर उपलब्धियों और रिकॉर्ड्स से भरा रहा है:

- नेटवर्क रिकॉर्ड: उन्होंने ETV और News18 जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी लंबी सेवाएं दी हैं। ईटीवी में उनके नाम लगातार 5 वर्षों तक पूरे नेटवर्क में सबसे अधिक सक्रिय रहने का रिकॉर्ड रहा है।
- प्रमुख संस्थान: उन्होंने Zee News में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर कार्य करते हुए राष्ट्रीय और क्षेत्रीय पत्रकारिता के बीच एक मजबूत सेतु का काम किया है।
- विशेषज्ञता: उनकी विशेषज्ञता चुनावी कवरेज में मानी जाती है। उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और कई मुख्यमंत्रियों के कार्यक्रमों सहित लोकसभा और विधानसभा चुनावों को बेहद बारीकी से कवर किया है।
साहस और ग्राउंड रिपोर्टिंग
राम अनुज की पहचान केवल सत्ता के गलियारों तक सीमित नहीं रही, बल्कि वे आपदा के कठिन समय में सदैव ‘ग्राउंड जीरो’ पर डटे रहे:

- तपोवन आपदा (2021): चमोली की इस भीषण आपदा के दौरान उन्होंने लगातार 12 दिनों तक जांबाज कवरेज कर देश को वास्तविकता से रूबरू कराया।
- साक्षात्कार: अपने करियर में उन्होंने मेधा पाटकर, रस्किन बॉन्ड और प्रकाश झा जैसी महान विभूतियों सहित कई राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों के विशेष साक्षात्कार लिए हैं।
लेखन और सम्मान
पत्रकारिता के साथ-साथ राम अनुज एक संवेदनशील लेखक भी हैं।
- पुस्तक: वे चर्चित पुस्तक ‘सिल्क्यारा रेस्क्यू’ (The Tunnel of Silk) के लेखक हैं, जिसमें उन्होंने उत्तरकाशी की टनल आपदा और वहां चले सफल रेस्क्यू ऑपरेशन का जीवंत वर्णन किया है।
- पुरस्कार: पत्रकारिता में विशिष्ट योगदान के लिए उन्हें ‘उत्तराखंड यूथ आइकन पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। इसके अतिरिक्त, कई मुख्यमंत्रियों द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।

वर्तमान पद और संगठन
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- वे उत्तरांचल प्रेस क्लब के निर्वाचित सदस्य हैं।
- जनपद देहरादून जिला पत्रकार कमेटी के सक्रिय सदस्य के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
लेखक की कलम से: “मैंने हिमालय को बदलते और इंसान को लड़ते देखा है। एक पत्रकार के रूप में मेरा सफर केवल खबरों को दिखाने का नहीं, बल्कि उन अनकहे संघर्षों को इतिहास के पन्नों में दर्ज करने का प्रयास है।”
