चारधाम यात्रा 2026: श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर! इस दिन खुलेंगे कपाट, ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया कल से होगी शुरू
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चारधाम यात्रा 2026: श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर! इस दिन खुलेंगे कपाट, ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया कल से होगी शुरू
देहरादून | 05 मार्च, 2026
उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 का इंतजार कर रहे देश-दुनिया के लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। प्रदेश सरकार और धर्मस्व विभाग ने यात्रा के सुचारू संचालन के लिए कपाट खुलने की शुभ तिथियों की घोषणा करने के साथ ही ऑनलाइन पंजीकरण (Online Registration) के पोर्टल को भी हरी झंडी दे दी है। कल यानी 06 मार्च 2026 को प्रातः 07:00 बजे से पंजीकरण की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू हो जाएगी।
चारधाम यात्रा 2026: कपाट खुलने की महत्वपूर्ण तिथियां
बदरी-केदार मंदिर समिति और प्रशासन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस वर्ष अक्षय तृतीया के पावन पर्व से यात्रा का आगाज होगा। चारों धामों के कपाट खुलने का कार्यक्रम इस प्रकार है:
- श्री यमुनोत्री धाम: 19 अप्रैल 2026 (अक्षय तृतीया)
- श्री गंगोत्री धाम: 19 अप्रैल 2026 (अक्षय तृतीया)
- श्री केदारनाथ धाम: 22 अप्रैल 2026 (प्रातः काल)
- श्री बद्रीनाथ धाम: 23 अप्रैल 2026 (ब्रह्म मुहूर्त)
- श्री हेमकुण्ड साहिब: इसके कपाट खुलने की तिथि की आधिकारिक घोषणा सैन्य प्रशासन और गुरुद्वारा प्रबंधन द्वारा बाद में की जाएगी।
पंजीकरण कैसे करें? (पूरी प्रक्रिया)
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने पंजीकरण को अनिवार्य बनाया है। यात्री निम्नलिखित माध्यमों से अपना पंजीकरण करवा सकते हैं:
- वेबसाइट: आधिकारिक पोर्टल registrationandtouristcare.uk.gov.in पर जाकर।
- मोबाइल ऐप: ‘Tourist Care Uttarakhand’ ऐप डाउनलोड करके।
- WhatsApp: मोबाइल नंबर +91-8394833833 पर ‘Yatra’ लिखकर भेजकर।
- टोल-फ्री नंबर: किसी भी सहायता के लिए 0135-1364 पर संपर्क किया जा सकता है।
प्रशासन की तैयारियां और नई गाइडलाइंस
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग पर सड़कों की स्थिति, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं में कोई कोताही न बरती जाए। इस बार केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में दर्शन के लिए स्लॉट सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाया गया है ताकि श्रद्धालुओं को घंटों लंबी लाइनों में न लगना पड़े। स्वास्थ्य विभाग ने भी अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए विशेष चिकित्सा शिविर और ऑक्सीजन बूथ स्थापित करने की योजना बनाई है।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे पंजीकरण के समय अपना आधार कार्ड और सही मोबाइल नंबर ही दर्ज करें ताकि मौसम और यात्रा संबंधी अलर्ट समय पर प्राप्त हो सकें।
