South Asia 24×7 का मतलब पक्की खबर, देश और जहान की ताजातरीन खबरें,पत्रकारिता की नई आधारशिला, निष्पक्षता और पारदर्शिता अब, South Asia 24×7 पर खबर ग्राउंड जीरो से, मंझे हुए संवाददाताओं के साथ,हर जन मुद्दे पर, सीधा सवाल सरकार से ,सिर्फ South Asia 24 ×7 पर,पत्रकारिता की मजबूती के लिए जुड़िए हमारे साथ, South Asia 24×7 के यूट्यूब चैनल,फेसबुक और ट्विटर पर क्योंकि हम करते है बात मुद्दे की

South Asia24x7

Hindi News, Breaking News in Hindi, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi,South Asia24x7

कोलकाता ममता की हार के बाद ‘दीदी’ से मिलने पहुंच रहे आज अखिलेश यादव, क्या बनेगा नया मोर्चा?

1 min read

कोलकाता ममता की हार के बाद ‘दीदी’ से मिलने पहुंच रहे आज अखिलेश यादव, क्या बनेगा नया मोर्चा?

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों ने न केवल राज्य, बल्कि देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की अप्रत्याशित और करारी हार के बाद अब विपक्षी खेमे में मंथन का दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आज कोलकाता पहुंच रहे हैं, जहाँ वह ममता बनर्जी से मुलाकात करेंगे। चुनाव परिणामों के बाद यह दोनों नेताओं की पहली औपचारिक भेंट है, जिसे सियासी गलियारों में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मुलाकात के मायने: हार के बाद हमदर्दी या नई रणनीति?

​ममता बनर्जी, जो पिछले एक दशक से बंगाल की सत्ता पर काबिज थीं, इस बार विपक्ष के प्रचंड प्रहार के सामने अपनी जमीन नहीं बचा सकीं। ऐसे में अखिलेश यादव का कोलकाता दौरा न केवल ममता बनर्जी के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए है, बल्कि भविष्य की ‘विपक्ष की भूमिका’ पर चर्चा करने के लिए भी है।

​सूत्रों की मानें तो इस मुलाकात में मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर चर्चा होगी:​बंगाल में हिंसा और कार्यकर्ताओं का मनोबल: चुनाव के बाद बंगाल के विभिन्न हिस्सों से दंगों और बवाल की खबरें आ रही हैं। टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमले और उन पर लगे आरोपों के बीच अखिलेश यादव सुरक्षा और मानवाधिकार के मुद्दों पर ममता का पक्ष जानेंगे।​विपक्षी मोर्चे का भविष्य: राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए क्षेत्रीय दलों की क्या भूमिका हो सकती है, इस पर दोनों नेता विस्तार से बात करेंगे।​संसदीय रणनीति: दिल्ली की राजनीति में टीएमसी और सपा मिलकर कैसे घेराबंदी कर सकते हैं, इसका खाका भी तैयार किया जा सकता है।

TMC विधानमंडल दल की बैठक: नेता प्रतिपक्ष पर सस्पेंस

​कल कोलकाता में टीएमसी विधानमंडल दल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में ममता बनर्जी ने हार की समीक्षा की।​विधायकों की अनुपस्थिति: बैठक में कुल 69 विधायक शामिल हुए, जबकि 11 विधायकों के न पहुंचने से सियासी अटकलें तेज हो गई हैं। क्या ये विधायक किसी अन्य दल के संपर्क में हैं या व्यक्तिगत कारणों से नहीं आए, यह टीएमसी के लिए चिंता का विषय है।​नेता प्रतिपक्ष: ममता बनर्जी के हारने के बाद अब सदन में ‘नेता प्रतिपक्ष’ कौन होगा, इस पर अभी अंतिम मुहर नहीं लगी है, लेकिन सूत्रों के अनुसार पार्टी के एक वरिष्ठ चेहरे पर सहमति बन सकती है जो आक्रामक तरीके से सरकार को घेर सके।

9 मई का शपथ ग्रहण और भाजपा का शक्ति प्रदर्शन

​अखिलेश यादव का यह दौरा इसलिए भी ऐतिहासिक हलचल पैदा कर रहा है क्योंकि 9 मई को कोलकाता में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होना है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री शामिल होकर अपनी जीत का जश्न मनाएंगे। भाजपा के इस भव्य शक्ति प्रदर्शन से ठीक पहले अखिलेश और ममता की मुलाकात एक ‘काउंटर-स्ट्रैटेजी’ के तौर पर देखी जा रही है।

निष्कर्ष: विपक्ष की नई भूमिका का रोडमैप

​अखिलेश यादव का मानना है कि हार के बावजूद ममता बनर्जी ने कड़ा संघर्ष किया है। आज की मुलाकात में इस बात पर चर्चा होगी कि बंगाल में हार के बाद भी विपक्ष को कैसे जीवित रखा जाए और जनता के मुद्दों को सड़क से सदन तक कैसे उठाया जाए।

​राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि अखिलेश यादव का यह दौरा संकेत है कि क्षेत्रीय दल अब एक-दूसरे के साथ खड़े होकर अपनी ताकत को फिर से संगठित करना चाहते हैं। क्या अखिलेश और ममता की यह ‘जुगलबंदी’ भाजपा के विजयी रथ को रोकने के लिए कोई नया ‘प्लान-बी’ तैयार कर पाएगी? यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा। फिलहाल, कोलकाता की गर्मी के बीच यह सियासी मुलाकात पूरे देश की निगाहों में है।

मुख्य बिंदु:आज की मुलाकात: अखिलेश यादव और ममता बनर्जी के बीच कोलकाता में संवाद।​मुद्दा: हार के बाद की स्थिति, बंगाल हिंसा और भविष्य का गठबंधन।​9 मई: भाजपा का शपथ ग्रहण समारोह और दिग्गजों का जमावड़ा।​TMC की स्थिति: 80 में से 11 विधायकों की बैठक से गैरमौजूदगी ने बढ़ाई चिंता।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!