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सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा: मुख्यमंत्री धामी के कड़े तेवर, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही

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सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा: मुख्यमंत्री धामी के कड़े तेवर, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही

चमोली/देहरादून, 17 अप्रैल 2026: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन 1905 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की वर्चुअल माध्यम से विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जन-शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में चमोली सहित प्रदेश के सभी जनपदों के जिलाधिकारी और वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े रहे।

मुख्यमंत्री के निर्देश: समयबद्धता और गुणवत्ता सर्वोपरि

​समीक्षा के दौरान माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद का माध्यम है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा:शिकायतों का समाधान समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक होना चाहिए। यदि किसी स्तर पर अधिकारी लापरवाही बरतते हैं, तो उनकी जवाबदेही तय की जाएगी। जनता को अपनी समस्याओं के लिए बार-बार चक्कर न काटने पड़ें, यह सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।”

 

चमोली जिलाधिकारी का एक्शन प्लान

​मुख्यमंत्री की बैठक के तत्काल बाद, जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार ने जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन के आदेश दिए। जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को दो टूक कहा कि लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाए और उनका शीघ्र समाधान निकाला जाए।

जिलाधिकारी ने दिए निम्नलिखित कड़े निर्देश:प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण: अपने-अपने विभागों से संबंधित शिकायतों को ‘प्रायोरिटी लिस्ट’ में डालें।​क्षेत्रीय जांच (Field Inspection): अधिकारी केवल दफ्तर में बैठकर निस्तारण न करें, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर फील्ड में जाकर शिकायतकर्ता की समस्या का मौके पर समाधान करें।​शिकायतकर्ता की संतुष्टि: जिलाधिकारी ने जोर दिया कि निस्तारण की गुणवत्ता ऐसी हो कि शिकायतकर्ता पूर्ण रूप से संतुष्ट हो सके। असंतोषजनक निस्तारण को दोबारा खोला जाएगा।

चमोली जनपद में शिकायतों की वर्तमान स्थिति

​समीक्षा बैठक के दौरान चमोली जिले में शिकायतों के आंकड़ों पर भी चर्चा की गई। वर्तमान में जिले की स्थिति इस प्रकार है:​एल-1 और एल-2 स्तर (प्रारंभिक स्तर): कुल 252 शिकायतें लंबित हैं।​एल-3 स्तर (वरिष्ठ अधिकारी स्तर): 40 शिकायतें लंबित हैं।​एल-4 स्तर (उच्चतम स्तर): 17 शिकायतें निस्तारण की प्रक्रिया में हैं।

​जिलाधिकारी ने इन सभी लंबित शिकायतों को जल्द से जल्द शून्य पर लाने का लक्ष्य विभागीय अधिकारियों को दिया है।

जनहित और संवेदनशीलता का संदेश

​बैठक में अधिकारियों को जनहित के मामलों में तत्परता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की नसीहत दी गई। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उनकी बाधाएं दूर हों।

उपस्थिति

​इस समीक्षा बैठक के दौरान जनपद चमोली से पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, डीएफओ सर्वेश कुमार दुबे सहित तमाम विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।

रिपोर्ट: सोहन सिंह, चमोली

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