लखनऊ महिला आरक्षण बिल : विश्व हिंदू रक्षा परिषद के कार्यकर्ता समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय का करेंगे आज घेराव
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लखनऊ महिला आरक्षण बिल : विश्व हिंदू रक्षा परिषद के कार्यकर्ता समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय का करेंगे आज घेराव
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में आज एक बड़ा उबाल देखने को मिल रहा है। ‘नारी शक्ति वंदन बिल’ को सदन में समर्थन न मिलने और विपक्षी दलों के अड़ियल रुख के खिलाफ विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। परिषद के आह्वान पर आज पूरे उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन (Protest) आयोजित किए जा रहे हैं।
राजधानी में ‘शक्ति प्रदर्शन’ की तैयारी
राजधानी लखनऊ में आंदोलन का नेतृत्व विश्व हिंदू रक्षा परिषद की महिला कार्यकर्ता कर रही हैं। तय कार्यक्रम के मुताबिक, सुबह 10 बजे गोमती नगर स्थित परिषद के कार्यालय से सैकड़ों की संख्या में महिलाएं Pad-Yatra (पदयात्रा) शुरू करेंगी। यह पदयात्रा सीधे कांग्रेस मुख्यालय और सपा मुख्यालय तक जाएगी, जहाँ कार्यकर्ताओं द्वारा कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
विपक्ष पर ‘महिला विरोधी’ होने का आरोप
विश्व हिंदू रक्षा परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि महिला आरक्षण बिल का पास न होना देश की आधी आबादी के साथ बड़ा धोखा है। कार्यकर्ताओं ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि यदि समाजवादी पार्टी ने सकारात्मक रुख अपनाया होता, तो यह बिल कानून बन चुका होता।”समाजवादी पार्टी के पास 37 सांसद हैं। यदि उन्होंने संकीर्ण राजनीति से ऊपर उठकर समर्थन दिया होता, तो आज देश की महिलाओं को उनका अधिकार मिल गया होता। सपा और कांग्रेस का असली Character (चरित्र) अब जनता के सामने आ गया है, ये दल पूरी तरह महिला विरोधी हैं।”
सपा के ‘जाति कार्ड’ पर तीखा पलटवार
विरोध प्रदर्शन कर रही महिलाओं का आक्रोश खास तौर पर अखिलेश यादव के उस बयान पर है, जिसमें उन्होंने जाति आधारित गणना की शर्त रखी थी। परिषद की कार्यकर्ताओं का मानना है कि आरक्षण में आरक्षण और जातिवाद का मुद्दा छेड़ना सिर्फ बिल को लटकाने की एक चाल (Strategy) है। सदन में सपा सांसदों के आचरण और भाजपा पर अविश्वास जताने वाले बयानों ने आग में घी डालने का काम किया है।
मुख्य बिंदु जो बने विवाद की जड़:Numbers Game: परिषद के अनुसार सपा के 37 सांसदों का समर्थन बिल की राह आसान कर सकता था।Demands: सपा द्वारा जाति आधारित गणना की मांग को बिल रोकने का बहाना बताया जा रहा है।
- Leadership: महिलाओं का कहना है कि विपक्ष महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर एकजुट होने के बजाय राजनीति कर रहा है।
विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने स्पष्ट कर दिया है कि यह विरोध प्रदर्शन तब तक थमेगा नहीं, जब तक इन राजनीतिक दलों को उनकी गलती का अहसास नहीं हो जाता। आज का यह Massive Protest न केवल लखनऊ बल्कि यूपी के हर जिले में विपक्षी कार्यालयों के बाहर ‘जोरदार’ तरीके से दर्ज कराया जाएगा।
नारी शक्ति वंदन बिल को लेकर शुरू हुआ यह संग्राम अब सड़कों पर आ चुका है, जिससे आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति और अधिक गरमाने के संकेत मिल रहे हैं।
