देहरादून वन विभाग ने अवैध तोते के तस्करों को किया गिरफ्तार, दर्जनों दुर्लभ तोते बरामद
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देहरादून वन विभाग ने अवैध तोते के तस्करों को किया गिरफ्तार, दर्जनों दुर्लभ तोते बरामद
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में प्रतिबंधित वन्यजीवों के अवैध व्यापार के खिलाफ वन विभाग ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। शनिवार, 25 अप्रैल 2026 को देहरादून प्रभाग की टीम ने कांवली क्षेत्र में छापेमारी कर भारी संख्या में संरक्षित प्रजातियों के तोते बरामद किए हैं। इस मामले में दो महिलाओं सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई
वन विभाग को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि देहरादून के मालसी रेंज के अंतर्गत आने वाले कांवली क्षेत्र में कुछ लोग और पेट शॉप्स अवैध रूप से संरक्षित पक्षियों की खरीद-फरोख्त और तस्करी में लिप्त हैं। इस सूचना की पुष्टि ‘पीपल फॉर एनिमल’ (PFA) संस्था द्वारा दी गई जानकारी से भी हुई।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए, प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) श्री नीरज शर्मा के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने कांवली क्षेत्र के विभिन्न आवासीय परिसरों और पालतू जानवरों की दुकानों (Pet Shops) में सघन तलाशी अभियान चलाया।
बरामद पक्षी और वन्यजीव अधिनियम
तलाशी के दौरान टीम उस समय दंग रह गई जब उन्हें बड़ी संख्या में ऐसे तोते मिले जो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-II (Schedule-II) के तहत संरक्षित हैं। बरामद किए गए पक्षियों में मुख्य रूप से निम्नलिखित प्रजातियां शामिल हैं:रोज-रिंग्ड पैराकीट (Rose-ringed Parakeet)अलेक्जेंड्रिन पैराकीट (Alexandrine Parakeet)प्लम-हेडेड पैराकीट (Plum-headed Parakeet)
इन पक्षियों को छोटे पिंजरों में क्रूरतापूर्वक रखा गया था और इन्हें ऊंचे दामों पर बाजार में बेचने की योजना थी।
चार आरोपी गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने दो पुरुषों और दो महिलाओं को मौके से गिरफ्तार किया। इन सभी पर वन्यजीवों के अवैध कब्जे और व्यापार का आरोप है। विभाग ने बताया कि पकड़े गए सभी आरोपियों को विधिक कार्यवाही के लिए देहरादून के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
इस सफल अभियान में उप प्रभागीय वनाधिकारी श्री अभिषेक मैठाणी, वन क्षेत्राधिकारी (मालसी) श्रीमती शुचि चौहान, और प्रभारी वन क्षेत्राधिकारी श्री सतविंदर पाल सिंह सहित वन विभाग के कई कर्मचारी और अधिकारी शामिल रहे।
विभाग की सख्त चेतावनी
प्रभागीय वनाधिकारी श्री नीरज शर्मा ने स्पष्ट किया कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत सूचीबद्ध प्रजातियों का शिकार करना, उन्हें बंदी बनाकर रखना या उनका व्यापार करना एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध है। उन्होंने कहा, “दोषियों के विरुद्ध अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि भविष्य में कोई ऐसा दुस्साहस न करे।”
आम जनता से अपील
वन विभाग ने इस मौके पर आम जनता से भी एक मार्मिक और कानूनी अपील की है। विभाग ने आग्रह किया है कि:किसी भी प्रकार के वन्यजीव या जंगली पक्षियों को घर में पालतू जानवर के रूप में न रखें।यदि कहीं भी वन्यजीवों की तस्करी या अवैध कब्जे की जानकारी मिले, तो तुरंत स्थानीय वन विभाग को सूचित करें।
विभाग ने आश्वासन दिया है कि वन्यजीव अपराधों के विरुद्ध उनकी निगरानी और यह अभियान निरंतर जारी रहेंगे। यह कार्रवाई देहरादून में सक्रिय वन्यजीव तस्करों के लिए एक कड़ा संदेश है कि प्रशासन अब और अधिक सतर्क है।
