टिहरी; बोहरा विकास निधि लिमिटेड कंपनी के ढाई करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले शातिर ‘डायरेक्टर’ गिरफ्तार
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टिहरी; बोहरा विकास निधि लिमिटेड कंपनी के ढाई करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले शातिर ‘डायरेक्टर’ गिरफ्तार
विशेष रिपोर्ट: (वरिष्ठ संवाददाता) साउथ एशिया 24×7
नई टिहरी/चम्बा। उत्तराखंड में अपराधियों और जालसाजों के विरुद्ध छिड़े ‘ऑपरेशन प्रहार’ को आज उस वक्त बड़ी सफलता मिली, जब टिहरी गढ़वाल पुलिस ने ढाई करोड़ रुपए के बड़े वित्तीय घोटाले का भंडाफोड़ किया। एसएसपी श्वेता चौबे के कड़े रुख और कुशल रणनीति के चलते कोतवाली चम्बा पुलिस ने ऋषिकेश की एक ‘विकास निधि’ कंपनी के नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई हड़पने वाले दो मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
एसएसपी की अपराध गोष्ठी का दिखा असर
विगत 23 अप्रैल को आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी में एसएसपी श्वेता चौबे ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जिले में वांछित अपराधियों और संगठित अपराध करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए। इसी के तहत ‘ऑपरेशन प्रहार’ को गति दी गई। चम्बा कोतवाली में दर्ज मुकदमे की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने प्रभारी निरीक्षक विपिन बहुगुणा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया था, जिसे आज बड़ी कामयाबी हाथ लगी।
फर्जीवाड़े का जाल: बिना अनुमति खोली अवैध शाखा
मामला ‘बोहरा विकास निधि लिमिटेड कंपनी’ ऋषिकेश से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि कंपनी के संस्थापक डायरेक्टरों—दिलीप सिंह बोहरा, प्यारे राम और सुरेंद्र सिंह नेगी ने बाद में नरेश रावत और सूरजमनी सेमवाल को बतौर डायरेक्टर शामिल किया।
इन शातिर जालसाजों ने मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स से किसी भी प्रकार की अनुमति लिए बिना चम्बा में कंपनी की एक अवैध शाखा खोल दी। भोले-भाले स्थानीय लोगों को ‘सावधि जमा’ (Fixed Deposit) के नाम पर भारी मुनाफे का लालच दिया गया। पुलिस जांच के अनुसार, इन आरोपियों ने लगभग 2.5 करोड़ रुपए जमा कराए और बाद में उस पूरी रकम का गबन कर लिया। विवेचना में यह भी स्पष्ट हुआ कि चम्बा में यह शाखा पूर्ण रूप से अवैध तरीके से संचालित की जा रही थी।
हरिद्वार और ऋषिकेश से हुई गिरफ्तारी
पुलिस टीम ने मुखबिरों के जाल और तकनीकी सर्विलांस की मदद से आज दिनाँक 25 अप्रैल 2026 को दो वांछित अभियुक्तों को धर दबोचा:
- सुरेन्द्र सिंह नेगी: पुत्र गौतम सिंह नेगी (निवासी खैरीखुर्द, ऋषिकेश) को हरिद्वार जनपद के श्यामपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
- नरेश रावत: पुत्र सत्य प्रकाश रावत (निवासी बनखण्डी, ऋषिकेश) को ऋषिकेश क्षेत्र से दबोचा गया।
शातिर हैं अपराधी: कई जिलों में दर्ज हैं मुकदमे
गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्त पुराने और आदतन अपराधी हैं। इनके विरुद्ध ऋषिकेश (देहरादून) और कोटद्वार (पौड़ी गढ़वाल) में भी धोखाधड़ी और ‘बड्स एक्ट’ (BUDS Act) के तहत गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब इनके बैंक खातों और अन्य संपत्तियों की भी जांच कर रही है ताकि जनता का पैसा वापस मिल सके।
इस टीम ने किया ‘प्रहार’
इस महत्वपूर्ण गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली टीम में उपनिरीक्षक मनोज मंमगाई, अ.उ.नि. धीरेन्द्र नेगी, हे.कानि. सूर्यप्रताप सिंह और कानि. भूपेन्द्र सिंह शामिल रहे। एसएसपी श्वेता चौबे ने टीम की सफलता पर उनकी पीठ थपथपाई है।
साउथ एशिया 24×7 की अपील
आम जनता से अपील है कि किसी भी वित्तीय कंपनी में निवेश करने से पहले उसकी वैधानिकता की जांच अवश्य करें। टिहरी गढ़वाल की हर छोटी-बड़ी और सटीक खबर के लिए जुड़े रहिए साउथ एशिया 24×7 के साथ।
