शीतलापुष्कर मैदान में श्रद्धा के साथ मनाई गई माघी संक्रांति; खिचड़ी भोग और वस्त्र दान का आयोजन
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शीतलापुष्कर मैदान में श्रद्धा के साथ मनाई गई माघी संक्रांति; खिचड़ी भोग और वस्त्र दान का आयोजन
ब्यूरो रिपोर्ट
ललित बिष्ट, द्वाराहाट (अल्मोड़ा)
उत्तर भारत के प्रसिद्ध पर्व मकर संक्रांति के पावन अवसर पर अल्मोड़ा जनपद के द्वाराहाट स्थित शीतलापुष्कर मैदान में भक्ति और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। सामाजिक कार्यकर्ता गिरीश चौधरी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में कुलदेवी मंदिर में ‘माघी खिचड़ी’ का भव्य भोग लगाया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ कमाया।

आध्यात्मिक महत्व और ग्रहों का संयोग
मकर संक्रांति पर खिचड़ी के सेवन का विशेष धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व है। कार्यक्रम के दौरान विद्वानों ने बताया कि खिचड़ी के तत्व नौ ग्रहों की शांति से जुड़े हैं। मान्यता है कि इसमें प्रयुक्त चावल चंद्रमा का, उड़द की दाल शनि देव का, हल्दी व घी गुरु (बृहस्पति) का और हरी सब्जियां बुध ग्रह का प्रतिनिधित्व करती हैं। इस दिन खिचड़ी का दान और सेवन करने से ग्रहों के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का संचार होता है।
मानवता की सेवा: कंबल व स्वेटर वितरण
यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ा दिखा। कड़ाके की ठंड को देखते हुए इस अवसर पर क्षेत्र के सैकड़ों निर्धन परिवारों और जरूरतमंदों को कंबल एवं स्वेटर वितरित किए गए। गिरीश चौधरी ने कहा कि पर्व की सार्थकता तभी है जब हम समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की सहायता करें।
क्षेत्रीय गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
इस पुनीत कार्य में द्वाराहाट के सामाजिक और राजनैतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से:
- पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष मुकुल शाह
- विजय बजेठा, विनोद भट्ट, ममता भट्ट
- मनोज मेहरा, हरीश भट्ट, राजेंद्र रौतेला
- रेखा मेहरा, किशन रौतेला और हरीश चौधरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
ऋतु परिवर्तन और सद्भावना के प्रतीक इस उत्सव ने पूरे क्षेत्र में भाईचारे और सेवा का संदेश दिया है। स्थानीय लोगों ने इस सामूहिक आयोजन की सराहना करते हुए इसे अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने का एक सराहनीय प्रयास बताया।
