उत्तराखंड में रेल क्रांति: ऋषिकेश-कर्णप्रयाग परियोजना का काम 94% पूरा, स्टेशनों का होगा कायाकल्प
1 min read


उत्तराखंड में रेल क्रांति: ऋषिकेश-कर्णप्रयाग परियोजना का काम 94% पूरा, स्टेशनों का होगा कायाकल्प
By दीपक नारंग
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में रेल कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को एक नई दिशा मिल रही है। गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में मुरादाबाद मंडल की डीआरएम श्रीमती विनीता श्रीवास्तव के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में राज्य की रेल परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में साफ हुआ कि सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का काम अपने अंतिम चरण में है।
प्रमुख विकास कार्य और उपलब्धियाँ
बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि रुड़की-देवबंद नई रेल लाइन (27.45 किमी) का काम पूरा कर इसे कमीशन कर दिया गया है। इसके साथ ही रेल परिचालन की गति बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है:
- लक्सर-हरिद्वार खंड: ट्रेन की गति बढ़ाकर 110 किमी/घंटा की गई।
- सहारनपुर-हरिद्वार खंड: 110 किमी/घंटा का प्रस्ताव तैयार, भविष्य में 160 किमी/घंटा का लक्ष्य।
- सुरक्षा: लक्सर, रुड़की और ऐथल जैसे व्यस्त क्षेत्रों में ROB/RUB/LHS का निर्माण कर रेलवे क्रॉसिंग को सुरक्षित बनाया गया है।
‘अमृत भारत’ योजना से बदलेंगे स्टेशन
प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत उत्तराखंड के हर्रावाला, रुड़की और कोटद्वार स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। यहाँ यात्रियों के लिए:
- विश्वस्तरीय स्टेशन भवन और फूड कोर्ट।
- एसी प्रतीक्षालय और लिफ्ट/एस्केलेटर।
- दिव्यांगजनों के अनुकूल विशेष डिजाइन और चौड़े फुट ओवर ब्रिज तैयार किए जा रहे हैं।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन: सुरंगों का काम अंतिम चरण में
पहाड़ों तक रेल पहुँचाने की सबसे चुनौतीपूर्ण परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग (125.20 किमी) का काम तेजी से चल रहा है। इसकी प्रमुख सुरंगों का निर्माण 94% तक पूर्ण हो चुका है। इस मार्ग पर कुल 12 स्टेशन, 35 पुल और 17 सुरंगें बनाई जा रही हैं।
अर्द्धकुंभ और वन्यजीव सुरक्षा पर सीएम के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
- अर्द्धकुंभ की तैयारी: आगामी अर्द्धकुंभ के दृष्टिगत श्रद्धालुओं के लिए रेल सुविधाओं को समयबद्ध तरीके से अपग्रेड किया जाए।
- वन्यजीव संरक्षण: हरिद्वार-देहरादून रेल खंड पर वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ मिलकर वन्यजीवों की सुरक्षा की ठोस योजना बनाई जाए।
- लंबित परियोजनाएं: इकबालपुर और धनौरा जैसे क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामलों को रेलवे के साथ समन्वय कर शीघ्र हल किया जाए।
मुख्यमंत्री ने टनकपुर स्टेशन के पुनर्विकास और हर्रावाला में 24-कोच की हैंडलिंग क्षमता विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, जिससे आने वाले समय में उत्तराखंड में रेल यात्रा अधिक सुगम और सुरक्षित होगी।
