उत्तराखंड शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल: 9 अधिकारी पदोन्नत, मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने तैनाती प्रस्ताव को दी मंजूरी
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उत्तराखंड शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल: 9 अधिकारी पदोन्नत, मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने तैनाती प्रस्ताव को दी मंजूरी
देहरादून। उत्तराखंड के विद्यालयी शिक्षा विभाग में प्रशासनिक ढांचे को मजबूती देते हुए बड़े स्तर पर अधिकारियों की पदोन्नति और नई नियुक्तियां की गई हैं। विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शासन द्वारा प्रस्तुत तैनाती प्रस्ताव को औपचारिक स्वीकृति दे दी है। इस फैसले के तहत 5 अधिकारियों को संयुक्त निदेशक और 4 अधिकारियों को उप निदेशक के पद पर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
संयुक्त निदेशक पद पर नई नियुक्तियां
शिक्षा विभाग में उप निदेशक स्तर के जिन अधिकारियों को पदोन्नति (DPC) के बाद संयुक्त निदेशक बनाया गया है, उनकी नई तैनाती इस प्रकार है:
- अत्रेय सयाना: मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO), पौड़ी।
- आशुतोष भण्डारी: संयुक्त निदेशक (प्राथमिक), शिक्षा निदेशालय।
- नागेन्द्र बत्र्वाल: संयुक्त निदेशक (प्राथमिक), शिक्षा निदेशालय।
- कमला बड़वाल: मुख्य शिक्षा अधिकारी, टिहरी।
- हरक राम कोहली: मुख्य शिक्षा अधिकारी, अल्मोड़ा।
इन अधिकारियों को मिला अतिरिक्त प्रभार
प्रशासनिक कार्यों को गति देने के लिए कई वरिष्ठ अधिकारियों को रिक्त पदों के सापेक्ष अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है:
- आकाश श्रीवास्तव (प्राचार्य डायट गोपेश्वर): मुख्य शिक्षा अधिकारी, चमोली।
- सी.पी. रतूड़ी (प्राचार्य डायट रुद्रप्रयाग): सचिव, उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर।
- तरूण पंत (DEO प्राथमिक, पिथौरागढ़): मुख्य शिक्षा अधिकारी, पिथौरागढ़।
- अमित कोठियाल (DEO प्राथमिक, उत्तरकाशी): मुख्य शिक्षा अधिकारी, उत्तरकाशी।
उप निदेशक पद पर पदोन्नति और तैनाती
खण्ड शिक्षा अधिकारी के पद से पदोन्नत होकर उप निदेशक बने चार अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी मिली है:
- नरेश कुमार: जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक), हरिद्वार। उन्हें मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
- अमित कुमार: जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक), हरिद्वार।
- हिंमाशू नौगांई: जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक), पिथौरागढ़।
- अंशुल बिष्ट: जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक), पौड़ी।
विभागीय मंत्री का निर्देश:
डॉ. धन सिंह रावत ने प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इन तैनातियों के आधिकारिक आदेश अविलंब जारी किए जाएं ताकि जनपदों और निदेशालय स्तर पर कार्यों में निरंतरता बनी रहे।
