दिल्ली यूनिवर्सिटी लिटरेचर फेस्टिवल 1.0: साहित्य और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम
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दिल्ली यूनिवर्सिटी लिटरेचर फेस्टिवल 1.0: साहित्य और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम
नई दिल्ली | रिपोर्ट: ललित बिष्ट
दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) अपने गौरवशाली 104वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इसी ऐतिहासिक अवसर पर, 12 से 14 फरवरी, 2026 तक दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टेडियम में ‘लिटरेचर फेस्टिवल 1.0’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। योगदा सत्संग सोसाइटी (YSS) द्वाराहाट के अनुयायी CA डॉ. आलोक मिश्रा ने जानकारी दी कि यह महोत्सव न केवल बौद्धिक विमर्श, बल्कि आंतरिक खोज का भी केंद्र बन गया है।
युवाओं के बीच आकर्षण का केंद्र: योगदा सत्संग सोसाइटी (YSS)
इस महोत्सव में परमहंस योगानंद जी द्वारा 1917 में स्थापित ‘योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ़ इंडिया’ की उपस्थिति विशेष रही। YSS के स्टॉल पर प्रतिदिन 250-300 विज़िटर्स पहुँच रहे हैं, जो जीवन, सफलता और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति गहरी रुचि दिखा रहे हैं।
साहित्य जो जीवन बदल दे
स्टॉल पर छात्रों और फैकल्टी सदस्यों के बीच ‘हाउ टू लिव’ बुक सीरीज की भारी मांग देखी गई। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- लॉ ऑफ सक्सेस (जिसे युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए निःशुल्क वितरित किया जा रहा है)
- इंट्यूशन: सोल गाइडेंस फॉर लाइफ डिसीजन्स
- अप्लाईइंग द पावर ऑफ पॉजिटिव थिंकिंग
विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक क्लासिक ‘ऑटोबायोग्राफी ऑफ ए योगी’ के पॉकेट एडिशन को भी पाठकों ने हाथों-हाथ लिया। इसके अलावा, युवाओं को आकर्षित करने के लिए बनाया गया ‘विराट कोहली सेल्फी-पॉइंट’ स्टॉल का एक बड़ा आकर्षण साबित हुआ।
शोर के बीच शांति: गाइडेड मेडिटेशन
फेस्टिवल के हलचल भरे माहौल में YSS ने एक ‘गाइडेड मेडिटेशन कॉर्नर’ भी बनाया है। यहाँ प्रतिदिन लगभग 10-15 छात्र ध्यान का अनुभव ले रहे हैं। कई छात्रों के लिए यह मेडिटेशन का पहला अनुभव था, जिसे उन्होंने मानसिक स्पष्टता और शांति के लिए बेहद प्रभावशाली बताया।
फेस्टिवल के बाद भी जारी रहेगी खोज
आगंतुकों को दिल्ली-NCR में स्थित YSS केंद्रों के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है, ताकि वे इस यात्रा को जारी रख सकें:
- नोएडा: योगदा सत्संग सखा आश्रम (सेक्टर 4)।
- दिल्ली: टैगोर गार्डन मेडिटेशन सेंटर।
- अन्य: फरीदाबाद और गुरुग्राम के केंद्र।
निष्कर्ष:
दिल्ली यूनिवर्सिटी लिटरेचर फेस्टिवल में YSS की भागीदारी ने यह सिद्ध कर दिया है कि आज का युवा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि वह एक संतुलित और उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने के लिए आध्यात्मिक गहराई की भी तलाश कर रहा है।
