UP Police Mega Success: डीजीपी की मुस्तैदी लाई रंग, 88 हजार से ज्यादा लापता लोग अपनों से मिले
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UP Police Mega Success: डीजीपी की मुस्तैदी लाई रंग, 88 हजार से ज्यादा लापता लोग अपनों से मिले
By संदीप कुमार लखनऊ
उत्तर प्रदेश में गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश के लिए डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के बेहद प्रभावी परिणाम सामने आए हैं। प्रदेश पुलिस ने तकनीकी और फील्ड स्तर पर सक्रियता दिखाते हुए पिछले दो वर्षों में दर्ज एक लाख से अधिक मामलों में से लगभग 81 प्रतिशत लोगों को खोजने में सफलता प्राप्त की है।
आंकड़ों में पुलिस की बड़ी कामयाबी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 1 जनवरी 2024 से 18 जनवरी 2026 के बीच राज्य में कुल 1,08,372 व्यक्तियों की गुमशुदगी दर्ज की गई थी। इनमें से पुलिस ने 88,000 से अधिक लोगों को ढूंढ निकाला है। यह सफलता यूपी पुलिस की प्रभावी मॉनिटरिंग और डिजिटल डेटा मैनेजमेंट का परिणाम मानी जा रही है।
रिकॉर्ड्स का ‘डिजिटल शुद्धिकरण’
अभियान के दौरान एक चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि बड़ी संख्या में लोग घर वापस लौट चुके थे, लेकिन थानों के डिजिटल अभिलेखों (CCTNS) में उनकी बरामदगी दर्ज नहीं थी।
- अपडेटेड डेटा: अभियान के तहत थानों को पुराने लंबित मामलों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
- परिणाम: रिकॉर्ड दुरुस्त होने से न केवल बरामदगी दर स्पष्ट हुई, बल्कि वास्तविक स्थिति भी सामने आई।
18 दिनों का ‘स्पेशल ड्राइव’
डीजीपी के निर्देश पर 1 फरवरी 2026 से इस अभियान को और गति दी गई। पिछले महज 18 दिनों में ही पुलिस ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। तकनीक और मानवीय इंटेलिजेंस के बेहतर तालमेल से मामलों का त्वरित निस्तारण किया गया।
”हमारा लक्ष्य है कि प्रत्येक गुमशुदा मामले का त्वरित निस्तारण हो। डिजिटल मॉनिटरिंग और तकनीकी साधनों की मदद से यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।”
— पुलिस मुख्यालय, लखनऊ
