चमोली: ‘जनजाति समागम–2026’ में उमड़ा जनसैलाब, CM बोले– पीएम जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान से संवरेगा 128 गांवों का भविष्य
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चमोली: ‘जनजाति समागम–2026’ में उमड़ा जनसैलाब, CM बोले– पीएम जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान से संवरेगा 128 गांवों का भविष्य
सोहन सिंह बेडूबगड (चमोली) | 21 फरवरी, 2026
उत्तराखंड के सीमांत जनपद चमोली के विरही (बेडूबगड) में आयोजित ‘जनजाति समागम–2026’ में आज प्रदेश के मुख्यमंत्री ने शिरकत की। इस भव्य आयोजन में जनजातीय समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के प्रति उनके प्रेम की झलक देखने को मिली। समागम में उपस्थित देवतुल्य जनता, मातृशक्ति और युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के उत्थान के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

संस्कृति और परिश्रम की पावन धरती
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत स्थानीय जनता के आत्मीय स्वागत के प्रति आभार व्यक्त करते हुए की। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्र की यह धरती जनजातीय समाज के अथक परिश्रम और उनकी गौरवशाली विरासत की साक्षी है। उन्होंने कहा, “जनजातीय समाज का प्रकृति के साथ जो गहरा जुड़ाव है, वह हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी परंपराएं और संस्कृति उत्तराखंड की असली पहचान हैं।”
पीएम जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान: विकास की नई राह
प्रदेश सरकार द्वारा जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में ‘प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान’ को युद्धस्तर पर लागू किया जा रहा है।
इस अभियान के तहत उत्तराखंड के 128 गांवों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया है। सरकार का लक्ष्य इन गांवों में:
- शिक्षा और स्वास्थ्य: आधुनिक सुविधाओं से लैस स्कूल और अस्पतालों का निर्माण।
- मूलभूत ढांचा: हर घर तक स्वच्छ पेयजल और पक्की सड़कों की कनेक्टिविटी।
- आत्मनिर्भरता: स्थानीय युवाओं और महिलाओं को कौशल विकास के जरिए आत्मनिर्भर बनाना।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हमारी सरकार का लक्ष्य केवल आधारभूत सुविधाएं देना नहीं, बल्कि जनजातीय समाज को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है।

मंच पर दिग्गजों की मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में क्षेत्र के विकास और जनसमस्याओं पर भी चर्चा की गई। समागम के दौरान मंच पर विधायक श्री अनिल नौटियाल, श्री भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री दौलत सिंह बिष्ट और भाजपा जिलाध्यक्ष श्री गजपाल सिंह बर्तवाल सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी जनजातीय समाज की मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा, जिस पर उन्होंने सकारात्मक कार्यवाही का भरोसा दिया।
’जनजाति समागम-2026′ न केवल एक सांस्कृतिक उत्सव बनकर उभरा, बल्कि इसने सीमांत क्षेत्रों के विकास के प्रति सरकार के विजन को भी स्पष्ट किया। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि सीमांत क्षेत्रों में रहने वाला हर व्यक्ति विकास की दौड़ में बराबरी का हकदार है और सरकार अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के लिए संकल्पित है।
