यूपीसीएल की बड़ी तकनीकी पहल: 76,903 ट्रांसफॉर्मरों पर लगेंगे कैपेसिटर बैंक, सुधरेगी बिजली की गुणवत्ता
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यूपीसीएल की बड़ी तकनीकी पहल: 76,903 ट्रांसफॉर्मरों पर लगेंगे कैपेसिटर बैंक, सुधरेगी बिजली की गुणवत्ता
देहरादून। उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने राज्य की विद्युत वितरण प्रणाली को आधुनिक और कुशल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उपभोक्ताओं को बेहतर वोल्टेज और स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यूपीसीएल अब वितरण ट्रांसफॉर्मरों (DTs) के एल०टी० साइड पर चरणबद्ध तरीके से कैपेसिटर बैंक स्थापित कर रहा है।
886 MVAR क्षमता के बैंक होंगे स्थापित
इस वृहद योजना के तहत प्रदेश भर में चिन्हित 76,903 वितरण ट्रांसफॉर्मरों पर लगभग 886 MVAR क्षमता के एल०टी० कैपेसिटर बैंक लगाए जा रहे हैं। वर्तमान में विभिन्न जनपदों में यह कार्य तकनीकी मानकों के अनुरूप तेजी से प्रगति पर है।
क्यों जरूरी है कैपेसिटर बैंक?
वितरण तंत्र में ‘लो पावर फैक्टर’ होने पर रिएक्टिव पावर की मांग बढ़ जाती है। इसके परिणामस्वरूप:
- लाइनों और ट्रांसफॉर्मरों में अतिरिक्त करंट प्रवाहित होता है।
- वोल्टेज ड्रॉप की समस्या बढ़ती है और तकनीकी ‘लाइन लॉस’ में वृद्धि होती है।
- विद्युत उपकरणों पर अनावश्यक थर्मल दबाव पड़ता है, जिससे उनके खराब होने का खतरा रहता है।
एल०टी० कैपेसिटर बैंक स्थानीय स्तर पर ही रिएक्टिव पावर की आपूर्ति करेंगे, जिससे पावर फैक्टर में सुधार होगा और विद्युत धारा का प्रवाह संतुलित हो जाएगा।
उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा लाभ
इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन से कई सकारात्मक परिणाम अपेक्षित हैं:
- बेहतर वोल्टेज: कम वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे क्षेत्रों, विशेषकर लंबी एल०टी० लाइनों वाले ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में वोल्टेज प्रोफाइल में सुधार होगा।
- लॉस में कमी: तकनीकी लाइन लॉसेस कम होंगे, जिससे बिजली की बर्बादी रुकेगी।
- ट्रांसफॉर्मर की सुरक्षा: ओवरलोडिंग की स्थिति में कमी आएगी, जिससे ट्रांसफॉर्मर फेल होने की घटनाओं पर अंकुश लगेगा।
- उपकरणों की लंबी उम्र: स्थिर वोल्टेज मिलने से उपभोक्ताओं के घरेलू और वाणिज्यिक उपकरण अधिक कुशलता से चलेंगे।
डेटा विश्लेषण के बाद हो रही स्थापना
योजना का कार्यान्वयन बिना किसी जल्दबाजी के वैज्ञानिक पद्धति से किया जा रहा है। यूपीसीएल द्वारा विस्तृत लोड सर्वेक्षण, फीडर डेटा विश्लेषण और तकनीकी परीक्षण के बाद ही स्थल चयन और क्षमता का निर्धारण किया जा रहा है। स्थापना के बाद भी सुरक्षा मानकों और पावर फैक्टर की निरंतर निगरानी की जा रही है।
”वितरण ट्रांसफॉर्मरों पर एल०टी० कैपेसिटर बैंक की स्थापना वितरण तंत्र की दीर्घकालिक विश्वसनीयता और दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी कदम है। यूपीसीएल उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं संतुलित विद्युत आपूर्ति प्रदान करने हेतु तकनीकी सुधारों को निरंतर प्राथमिकता देता रहेगा।”
— प्रबन्ध निदेशक, यूपीसीएल
