श्री झण्डा जी मेला 2026: विस्तृत कार्यक्रम सारणी
1 min read


श्री झण्डा जी मेला 2026: विस्तृत कार्यक्रम सारणी (Schedule)
देहरादून के ऐतिहासिक श्री झण्डा जी मेले के सफल आयोजन हेतु दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज द्वारा अधिकृत कार्यक्रम सूची जारी कर दी गई है। मेले का मुख्य आकर्षण 8 मार्च 2026 को होने वाला श्री झण्डे जी का भव्य आरोहण होगा।
|
दिनांक |
दिन |
कार्यक्रम का विवरण |
|---|---|---|
|
25 फरवरी 2026 |
बुधवार |
श्री दरबार साहिब के प्रतिनिधि द्वारा पंजाब की पैदल संगत के लिए हुकमनामा लेकर बड़ागांव (हरियाणा) प्रस्थान। |
|
27 फरवरी 2026 |
शुक्रवार |
श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज द्वारा अराईंयावाला प्रस्थान, रास्ते में रामपुर व तिमली में प्रसाद वितरण और अराईंयावाला में श्री झण्डे जी का आरोहण। |
|
28 फरवरी 2026 |
शनिवार |
श्रीमहंत जी द्वारा श्री गुरु राम राय इण्टर कॉलेज सहसपुर में पैदल संगतों का स्वागत, भजन-कीर्तन व आशीर्वचन। |
|
01 मार्च 2026 |
रविवार |
पैदल संगतों का कांवली गांव में स्वागत, भजन-कीर्तन और संगत का श्री दरबार साहिब में भव्य प्रवेश व अरदास। |
|
03 मार्च 2026 |
मंगलवार |
होली उत्सव |
|
05 मार्च 2026 |
गुरुवार |
गिलाफ सिलवाई और पवित्र ध्वजदण्ड को गाजे-बाजों के साथ बाम्बेबाग से श्री दरबार साहिब तक लाना। |
|
07 मार्च 2026 |
शुक्रवार |
पूर्वी संगत द्वारा मत्था टेकना और सायंकाल में परंपरा अनुसार पूर्वी संगत की विदाई। |
|
08 मार्च 2026 |
रविवार |
मुख्य आयोजन: प्रातः 8 बजे से श्री झण्डे जी को उतारना, स्नान कराना, गिलाफ चढ़ाना और सायं 4-5 बजे भव्य श्री झण्डे जी का आरोहण। |
|
09 मार्च 2026 |
सोमवार |
संगतों द्वारा मत्था टेकना और श्रीमहंत जी द्वारा पूरे दिन सेवकों को आशीर्वाद प्रदान करना। |
|
10 मार्च 2026 |
मंगलवार |
नगर परिक्रमा: प्रातः 7:30 बजे से नगर भ्रमण (सहारनपुर चौक-बिन्दाल-घंटाघर-पलटन बाजार होते हुए) और अंत में पैदल संगत व पंजाब के महंतों की विदाई। |
|
27 मार्च 2026 |
शुक्रवार |
श्री झण्डा जी मेला 2026 का समापन एवं शहंशाह आश्रम मेला। |
विशेष जानकारी:
- नगर परिक्रमा का मार्ग: नगर परिक्रमा श्री दरबार साहिब से शुरू होकर सहारनपुर चौक, कांवली रोड, बिन्दाल, तिलक रोड, घंटाघर, पलटन बाजार, रीठा मण्डी और भण्डारीबाग होते हुए वापस दरबार साहिब पहुँचेगी।
- पवित्र स्नान: 8 मार्च को श्री झण्डे जी को दही, घी, गंगाजल और पंचामृत से स्नान कराया जाएगा।
